Healths – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com News Website Tue, 13 Oct 2026 13:17:24 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://parishkarpatrika.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-site-icon-32x32.png Healths – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com 32 32 ज्ञान को शक्ति, चरित्र को पहचान और कर्म को राष्ट्र की प्रगति का आधार बनाएं – विधानसभा अध्यक्ष, स्पीकर देवनानी ने छात्र-छात्राओं से शिक्षा, खेल व अन्‍य गतिविधियों पर की चर्चा https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa/#respond Tue, 13 Oct 2026 13:16:09 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6295


अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के 56 छात्र-छात्राओं ने किया विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण

ब्यूरो चीफ परिष्कार पत्रिका जयपुर। राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की पहल पर आयोजित विधान सभा जन-दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने राजस्थान विधान सभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन, भवन तथा राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन कर प्रदेश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, विधायी प्रक्रिया और संसदीय परंपराओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।

देवनानी ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उनकी पढ़ाई, रुचियों और खेलकूद सहित विभिन्न गतिविधियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में निरंतर सीखने, अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और प्रत्येक अवसर का सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का निरंतर विस्तार करते हुए ऐसा व्यक्तित्व विकसित करना चाहिए, जिसमें शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और कर्तव्यबोध का समन्वय हो। यही गुण उन्हें जीवन में सफलता प्राप्त करने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम बनाते हैं।

देवनानी ने कहा कि विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। इस काल में अर्जित ज्ञान, विकसित दृष्टिकोण और आत्मसात किए गए मूल्य जीवन की दिशा निर्धारित करते हैं। विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने, कठिन परिश्रम करने तथा अपनी क्षमताओं को पहचान कर उन्हें निरंतर निखारने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि अपने ज्ञान को अपनी शक्ति, अपने चरित्र को अपनी पहचान और अपने कर्म को राष्ट्र की प्रगति का आधार बनाएं।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विद्यार्थियों को राष्ट्र प्रथम की भावना अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती जागरूक, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ नागरिकों पर निर्भर करती है। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने विधानसभा सदन की कार्यप्रणाली, विधायी गतिविधियों तथा संसदीय परंपराओं को समझा। राजनीतिक आख्यान संग्रहालय के अवलोकन से उन्हें राजस्थान की राजनीतिक एवं लोकतांत्रिक यात्रा के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर मिला है।

विद्यार्थियों ने विधानसभा भ्रमण को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव बताते हुए देवनानी का आभार व्‍यक्‍त किया। इस शैक्षणिक भ्रमण ने उन्हें लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को समझने तथा नागरिक के रूप में अपने दायित्वों के प्रति जागरूक होने का अवसर प्रदान किया। विधानसभा अध्‍यक्ष वासुदेव देवनानी का विद्यालय के निदेशक राजा डी. थारवानी ने पुष्‍प गुच्‍छ भेंट कर अभिवादन किया और बच्‍चों को विधान सभा देखने का मौका देने के लिए आभार ज्ञापित किया। अजमेर के सतगुरु इंटरनेशनल स्कूल के इस दल में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विभिन्न संकायों के 56 छात्र-छात्राएं शामिल थे। विद्यार्थियों के साथ विद्यालय के शिक्षकगण भी उपस्थित रहे।

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खुशी के लिए विवेक, समझदारी, ईमानदारी और नैतिकता सबसे महत्वपूर्ण-राज्यपाल https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/#respond Sat, 10 Oct 2026 08:54:36 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6254

“ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026” आयोजित

 10 अक्टूबर 2026, 12:49 PM

ब्यूरो चीफ रवि सिंह किरार / परिष्कार पत्रिका जयपर। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि खुशी, कल्याण और स्वतंत्रता ही मानव विकास का मुख्य आधार है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर के समुदाय में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सभी मिलकर कार्य करे। उन्होंने कहा कि खुशी के लिए विवेक, समझदारी, ईमानदारी और नैतिकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। यह सब गुण यदि समाज में व्याप्त हो जाएं तो सब ओर हैप्पीनेस का प्रसार हो सकता है। उन्होंने देश और समाज के लिए सबको चिंतन और मनन करने की आवश्यकता जताई।

उन्होंने कहा कि इस समय में झूठ को सच बताने की होड़ मच रही है। पर, सजग रहेंगे सत्य सदा सत्य ही रहेगा। उन्होंने देश में 80 करोड़ लोगों को केंद्र सरकार मुफ्त अनाज प्रदान कर रही है। सभी के स्वास्थ्य की विश्व की सबसे बड़ी “आयुष्मान भारत” योजना चलाई जा रही है। देश तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है, यह बहुत से देशों को पच नहीं रहा है। उन्होंने सुशासन और पारदर्शिता के साथ भेदभाव मुक्त वातावरण के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

राज्यपाल ने कहा कि खुशहाली का पैमाना केवल धन-दौलत या भौतिक सुख-सुविधाएं नहीं हैं, बल्कि यह मानसिक शांति, अच्छे स्वास्थ्य और मजबूत रिश्तों का एक गहरा अहसास है। उन्होंने कहा कि विकास का जो मॉडल पश्चिम के देशों ने अपनाया है, उसमें जीडीपी दर में वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय, आर्थिक प्रगति को ही मुख्य आधार बनाया है। किसी भी विकसित देश के लिए यह सब जरूरी है परन्तु इन—सबसे अधिक जरूरी है मानवीय मूल्य।

राज्यपाल बागडे शनिवार को बिड़ला सभागार में वर्ल्ड हैप्पीनेस फाउंडेशन, इण्डिया चैप्टर, जयपुर द्वारा आयोजित”ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026″ में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भारत को गुलामी के दौर में भूखे मरने पर मजबूर किया। उन्होंने कहा कि लॉर्ड मैकाले ने भारतीय शिक्षा पद्धति को बर्बाद किया। हमारे गुरुकुल बंद करवा दिए। देश को गुलाम रखने के लिए उद्योग धंधे बंद कर लोगों को भूखे मरने की स्थितियां पैदा की। फिर भी अंग्रेजों के कहा कि हम भारत में समृद्धि ला रहे है। इसके जवाब में 1922 में महात्मा गांधी ने भाषण में बताया कि देश में भूखे मरने की स्थितियां आ रही है। इससे बचने के लिए हमें स्वदेशी पर जोर देना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि प्रसन्नता की कुंजी यह है कि हम अपने पास जो हैं, उसमें संतोष का अनुभव करें। खुशी केवल पैसे से नहीं आ सकती। इसके लिए बहुत भाग दौड़ के साथ शरीर पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने एलेन मस्क को सर्वाधिक धनी बताते हुए कहा कि पैसा सब कुछ नहीं है। वह चाहते हैं कि उनकी कम्पनिया यहां स्थापित हो। वह चाहते हैं उनका बाजार भारत बने, पर यहां के लोग सब समझते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि ऐसी कोई वस्तु नहीं जो भारत में पैदा नहीं होती। इससे बहुत से देशों का बाजार बंद हो रहा है। अब वह नहीं चाहते भारत तेजी से विकसित हो। इसलिए देश को कमजोर करने के लिए बहुत से ताकते काम कर रही है। उन्होंने कहा कि टेलेंट तो भारत में तैयार होते हैं, विकसित देशों में नहीं। उन्होंने कहा कि भारत को किसी से कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने व्यक्ति नहीं समग्रता के विकास पर सदा ध्यान दिया। इसी से व्यक्ति, परिवार, समाज का विकास हो सकता है। सभी की खुशहाली संभव है।

राज्यपाल ने इससे पहले “ग्लोबल हैप्पीनेस फोर्म एण्ड फैस्टिवल जयपुर 2026” का विधिवत शुभारम्भ किया।

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लखपति दीदी’ पहल पर हुआ मंथन, विभागीय योजनाओं के अभिसरण से बढ़ेंगे ग्रामीण महिलाओं की आय के अवसर https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a5/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%b2%e0%a4%96%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a5/#respond Thu, 17 Sep 2026 03:30:51 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6092

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के विविध अवसरों से जोड़कर उनकी वार्षिक घरेलू आय 1 लाख रूपए या उससे अधिक करने के उद्देश्य से बुधवार को लखपति दीदी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण कुणाल ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं तक प्रभावी रूप से पहुंचाने तथा इन योजनाओं को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं, आजीविका गतिविधियों और आय बढ़ाने की संभावनाओं से जोड़ने पर विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न विभागों की योजनाओं, संसाधनों और विशेषज्ञता के समन्वित उपयोग के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसर विकसित करने तथा मौजूदा आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।

इस दौरान अंतर-विभागीय समन्वय एवं प्रभावी अभिसरण (कन्वर्जेंस) के माध्यम से योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और उनके लाभों को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की कार्यप्रणाली पर विचार-विमर्श किया गया। महिलाओं को कृषि, पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, कौशल विकास, पर्यटन तथा अन्य संभावित आजीविका गतिविधियों से जोड़कर आय के स्थायी एवं विविध अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि विभागीय योजनाओं का लाभ केवल पात्रता तक सीमित न रहे, बल्कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की वास्तविक जरूरतों, स्थानीय परिस्थितियों और आर्थिक गतिविधियों के अनुरूप उन तक पहुंचे। योजनाओं के बेहतर समन्वय से महिलाओं की आय बढ़ाने, उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने तथा अधिक से अधिक महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में सहायता मिलेगी।

लखपति दीदी स्टीयरिंग कमेटी के माध्यम से विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं संसाधनों के प्रभावी अभिसरण द्वारा ग्रामीण महिलाओं की आय वृद्धि और आर्थिक सशक्तिकरण को गति देने के लिए एकीकृत प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा इनके लाभों को अंतिम छोर तक पहुंचाने की दिशा में निरंतर प्रयास करने पर बल दिया गया।

बैठक में पंकज चौधरी, डीआईजी, पुलिस; डॉ. जागेश्वर प्रसाद, अतिरिक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य; पुष्पा सत्यानी, कमिश्नर, VBGRAMG सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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भरतपुर में दो प्रकरणों में कार्रवाई करने की एवज में 15,000 रुपये रिश्वत लेते सहायक उपनिरीक्षक गिरफ्तार https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87/ https://parishkarpatrika.com/%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a6%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87/#respond Tue, 01 Sep 2026 16:07:41 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=6024

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. चौकी भरतपुर इकाई द्वारा आज ट्रेप कार्रवाई करते हुए आरोपी गोविन्द मीना, सहायक उपनिरीक्षक, पुलिस थाना अटलबन्ध, जिला भरतपुर को 15,000 रुपये रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता ने बताया कि ए.सी.बी. चौकी भरतपुर को एक शिकायत इस आशय की मिली कि परिवादी के पिता द्वारा दर्ज कराए गए दो मुकदमों में कार्रवाई करने की एवज में आरोपी द्वारा 30,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग कर परिवादी को परेशान किया जा रहा है।

जिस पर ए.सी.बी. रेंज भरतपुर के उप महानिरीक्षक पुलिस ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन में अमित सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ए.सी.बी. चौकी भरतपुर के निर्देशन में महेन्द्र सिंह, पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में ट्रेप कार्रवाई आयोजित की गई।

आज दिनांक 01.09.2026 को ट्रेप कार्रवाई के दौरान आरोपी गोविन्द मीना को परिवादी से रिश्वत राशि की प्रथम किस्त के रूप में 15,000 रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।

ए.सी.बी. की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ एवं अग्रिम कार्रवाई जारी है। ए.सी.बी. द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।

-किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण ( अभियोग, प्राथमिक जांच, आदि) दर्ज होने पर , ACB से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष/स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जा सकता है।
प्रस्तुत स्पष्टीकरण के ACB द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना ACB की कार्य प्रणाली का हिस्सा है।
यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल फ्री नम्बर 1064 एवं व्हाट्सएप हेल्पलाईन नम्बर 9413502834 पर 24X7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। एसीबी आपके वैध कार्य को करवाने में पूरी सहायता करेगी।

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मुख्यमंत्री ने ‘राजस्थान वाटर काॅन्क्लेव’ में की शिरकत-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में जल सुरक्षा को मिली नई दिशा,जल प्रबंधन से जल आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय माॅडल बनेगा राजस्थान https://parishkarpatrika.com/chief-minister-participated-in-rajasthan-water-conclave-under-the-leadership-of-prime-minister-narendra-modi-water-security-in-the-country-has-got-a-new-direction/ https://parishkarpatrika.com/chief-minister-participated-in-rajasthan-water-conclave-under-the-leadership-of-prime-minister-narendra-modi-water-security-in-the-country-has-got-a-new-direction/#respond Sat, 25 Jul 2026 02:20:36 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5665

सरकार की नीतियां और समाज की भागीदारी बनाएगी जल समृद्ध पहचान,जल संचयन बने जन आंदोलन, भावी पीढ़ियों का भविष्य करें सुरक्षित- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में सरकार के गठन के तुरंत बाद से ही हमने जल आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनका असर धरातल पर नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना से लेकर यमुना जल समझौते जैसे अभूतपूर्व कार्यों को मूर्त रूप देकर जल आपूर्ति के क्षेत्र में एक नए राजस्थान की आधारशिला रखी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के इन्हीं प्रयासों से राजस्थान आने वाले समय में जल प्रबंधन एवं जल संचयन का राष्ट्रीय माॅडल बनेगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को जयपुर में ‘राजस्थान वाटर कॉन्क्लेव’ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जल संरक्षण को राष्ट्रीय कर्तव्य मानते हैं और आने वाली पीढ़ियां हमारे जल संरक्षण के प्रयासों के आधार पर हमारा मूल्यांकन करेंगी। कैच द रेन, नमामि गंगे, जल संचय-जन भागीदारी, जल जीवन मिशन, अटल भूजल योजना, अमृत सरोवर, हर खेत को पानी तथा प्रति बूंद अधिक फसल जैसे दूरदर्शी कार्यक्रमों ने देश में जल सुरक्षा को नई दिशा प्रदान की है। 

जल संरक्षण पर संवाद, 

अनुभव और नवाचारों पर बात

मुख्यमंत्री ने जल संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं एवं विषय विशेषज्ञों से संवाद कर उनके अनुभव, नवाचारों एवं सुझावों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। सरकार के प्रयासों, संस्थाओं के सहयोग, विशेषज्ञों के अनुभव और आमजन की सक्रिय भागीदारी से राजस्थान जल आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने संस्थाओं एवं विशेषज्ञों से आह्वान किया कि वे स्थानीय स्तर की जल चुनौतियों को समझते हुए आधुनिक तकनीक आधारित मॉनिटरिंग, नवाचारपूर्ण समाधानों और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ जल संचयन, संरक्षण एवं प्रबंधन के क्षेत्र में अपना योगदान दें।

प्रदेश के हर कोने को मिलेगा पानी-

उन्होंने कहा कि रामजल सेतु लिंक परियोजना राजस्थान के जल इतिहास का नया अध्याय है। इस परियोजना से प्रदेश के 17 जिलों में पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ ही लगभग 4 लाख 84 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, यमुना जल समझौते के तहत लगभग 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन से 1,917 क्यूसेक यमुना जल शेखावाटी पहुंचेगा, जिससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले के लगभग 75 लाख लोगों को स्थायी पेयजल राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उदयपुर शहर की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए 1 हजार 691 करोड़ रुपये की लागत से देवास तृतीय एवं देवास चतुर्थ परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार पश्चिमी राजस्थान के लिए आइजीएनपी के नहरी क्षेत्रों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। वहीं, नर्मदा के पानी को रानीवाड़ा और भीनमाल तक पहुंचाने और ब्राह्मणी नदी के पानी को बीसलपुर तक लाने की कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही, परवन बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजना कोटा, बारां और झालावाड़ जिलों की जीवनरेखा साबित होगी। इस परियोजना पर राज्य सरकार अब तक 1 हजार 164 करोड़ रुपये व्यय कर चुकी है। इन सभी प्रयासों से पेयजल, कृषि और उद्योग सहित अन्य सभी क्षेत्रों में राजस्थान जल आत्मनिर्भर बनेगा। 

जल संरक्षण में जन भागीदारी की अहम भूमिका-

उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके तहत भामाशाहों, प्रवासी राजस्थानियों तथा सीएसआर सहयोग से जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण करवाया जा रहा है। जिससे प्रदेश के कई क्षेत्रों के भूजल स्तर में सुधार हुआ है। इसी प्रकार, वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, जनजागरूकता तथा जल संरक्षण गतिविधियों को व्यापक जनभागीदारी के साथ संचालित किया गया। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत 2.0 योजना के तहत 178 शहरी निकायों में पेयजल व्यवस्था मजबूत करने के लिए 5 हजार 100 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां जारी की गई हैं, जिनमें से 109 निकायों के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। वहीं, जल जीवन मिशन के तहत 15 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाया जा रहा है। इसी प्रकार, अटल भू-जल योजना के अंतर्गत 485 करोड़ रुपये के जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्य करवाए गए हैं। सिंचाई परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री सिंचाई टास्क फोर्स का गठन किया गया है तथा किसान साथी एप के माध्यम से किसानों को घर बैठे सिंचाई जल उपलब्धता की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

बिजली प्रदाता बन रहा राजस्थान-

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है और 2027 तक सभी जिलों में किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा। वहीं, आम उपभोक्ताओं और उद्योगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। यह सरकार के सकारात्मक प्रयासों का ही परिणाम है कि आज हम दूसरे राज्यों को भी बिजली देने का कार्य कर रहे हैं। 

जीरो टाॅलरेंस नीति और सकारात्मक प्रयासों के सार्थक परिणाम- 

उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टाॅलरेंस नीति के चलते ढाई साल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है, जिससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं का विश्वास लौटा है। हमारी सरकार ने एक लाख 78 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी देने के साथ ही लगभग साढ़े चार लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध करवाए हैं। 

उन्होंने राइजिंग राजस्थान का जिक्र करते हुए कहा कि 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू में से 9 लाख करोड़ रुपये के एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के पर्यटन और खनन क्षेत्र को अपार संभावनाओं वाला बताते हुए कहा कि सरकार इन क्षेत्रों के विकास एवं संवर्द्धन के लिए लगातार कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि पानी का कोई विकल्प नहीं है, ऐसे में जल संचयन को जन आंदोलन बनाकर आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित करने का पुनीत कार्य करें। साथ ही, उन्होंने किसानों से भी कम पानी में अधिक उत्पादन के लिए माइक्रो इरिगेशन अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में जल संसाधनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। सामूहिक प्रयासों, जनसहभागिता और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से प्रदेश में जल सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार किया जा सकता है। सरकार की नीतियां और समाज की भागीदारी मिलकर ऐसा राजस्थान बनाएंगे, जिसकी पहचान जल समृद्धि की होगी। 

जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि राजस्थान की संस्कृति में जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि सभ्यता, समृद्धि और सुरक्षित भविष्य का आधार है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने जल सुरक्षा को विकास की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है तथा वर्षों से लंबित जल परियोजनाओं को गति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के बीच जल संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। 

कार्यक्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पद्मश्री लक्ष्मण सिंह सहित कई जल संरक्षण विशेषज्ञ उपस्थित रहे।

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डबल इंजन सरकार के प्रयासों से खत्म हुआ शेखावाटी का दशकों पुराना इंतजार, यमुना का जल बनेगा शेखावाटी के उज्ज्वल और उन्नत भविष्य की नींव, विकास, विरासत और विश्वास का मॉडल बनेंगे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा  https://parishkarpatrika.com/shekhawatis-decades-long-wait-ended-due-to-the-efforts-of-the-double-engine-government-yamunas-water-will-become-the-foundation-of-shekhawatis-bright-and-advanced-future/ https://parishkarpatrika.com/shekhawatis-decades-long-wait-ended-due-to-the-efforts-of-the-double-engine-government-yamunas-water-will-become-the-foundation-of-shekhawatis-bright-and-advanced-future/#respond Tue, 21 Jul 2026 01:36:32 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5610

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यमुना का जल शेखावाटी के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बनेगा, जिससे शेखावाटी के सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले विकास, विरासत एवं विश्वास के मॉडल जिले के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प और समर्पण शेखावाटी के समग्र विकास की आधारशिला बन रहा है। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में शेखावाटी फाउण्डेशन ने ऐतिहासिक यमुना जल समझौते को लेकर अभिनन्दन किया।  कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जल सुरक्षा से लेकर आधुनिक सड़क नेटवर्क, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तक प्रत्येक क्षेत्र में योजनाबद्ध कार्य किए जा रहे हैं। 

भागीरथी प्रयासों के लिए – मुख्यमंत्री का हुआ अभिनन्दन

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मंत्रोच्चार के बीच प्रतीकात्मक रूप से यमुना जल से भरा कलश शेखावाटी अंचल के लोगों को समर्पित किया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों द्वारा ऐतिहासिक यमुना जल समझौते के लिए मुख्यमंत्री का अभिनन्दन किया गया। साथ ही, महिलाओं ने भी पारंपरिक वेशभूषा में मंगलगीत के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

संवाद, समर्पण और समन्वय से शेखावाटी पहुंचेगा यमुना का जल – उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी डबल इंजन की सरकार ने यमुना जल समझौते को साकार किया है। इस समझौते से लगभग 295 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से लगभग 1917 क्यूसेक यमुना जल शेखावाटी तक पहुंचेगा। इससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू सहित व्यापक क्षेत्र के करीब 75 लाख लोगों को स्थायी राहत मिलेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी के विकास का सबसे बड़ा प्रश्न हमेशा पानी रहा। वर्ष 1994 में यमुना जल बंटवारे का समझौता हुआ था, लेकिन राजस्थान को उसके अधिकार का पानी नहीं मिला। इस विषय पर हमारी सरकार ने संवाद, समर्पण और समन्वय की रणनीति पर काम किया। इसी का परिणाम है कि तीन दशकों से लंबित यमुना जल समझौता केवल ढाई वर्षों में ही मूर्त रूप ले रहा है। 

हवेलियों का हो रहा कायाकल्प, विकास हो रहा साकार -उन्होंने कहा कि शेखावाटी की पहचान उसकी भव्य हवेलियों, विश्वप्रसिद्ध भित्ति-चित्रों और अद्भुत स्थापत्य कला से है। राज्य सरकार ने शेखावाटी हवेली संरक्षण योजना प्रारंभ कर सीकर, झुंझुनूं और चूरू की 662 ऐतिहासिक हवेलियों के  संरक्षण तथा पर्यटन उपयोग की कार्ययोजना तैयार की है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि हवेलियों के मूल स्वरूप से किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने शेखावाटी को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे और बीकानेर-कोटपूतली एक्सप्रेस-वे से सीकर, झुंझुनूं और चूरू क्षेत्र के लोगों का दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी राजस्थान के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे परिवहन, उद्योग, कृषि और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ मिलेगा।

वीरता, उद्यमिता और आस्था की भूमि है शेखावाटी – उन्होंने कहा कि शेखावाटी वीरों, धोरों, संतों, शहीदों एवं भामाशाहों की वीर प्रसूता भूमि है। शेखावाटी के पराक्रमी सपूतों ने सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर में अपने अदम्य साहस की अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने कहा कि शेखावाटी के सपूतों ने अपने परिश्रम और व्यापार कौशल से बड़े-बड़े व्यापारिक घराने, कॉरपोरेट संस्थान स्थापित कर देश को आर्थिक रूप से संपन्न बनाया है। विकट भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद यहां के निवासी मेहनत करने में किसी से पीछे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शेखावाटी के खाटूश्यामजी, सालासर बालाजी, जीण माता, शाकंभरी माता, हर्षनाथ, लोहार्गल, नवलगढ़, मंडावा और डूंडलोद जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थल सांस्कृतिक चेतना के प्रमुख केन्द्र हैं। 

नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में शेखावाटी की दशकों पुरानी जल आवश्यकता पूरी हुई है, जिससे सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिले में विकास की राह प्रशस्त होगी। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि यह ऐतिहासिक समझौता पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत को सच्ची श्रद्धांजलि है। शेखावाटी फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद कुमार गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के भागीरथी प्रयासों से शेखावाटी की प्यासी धरती को यमुना का पवित्र जल मिलने से क्षेत्र का समग्र विकास और आने वाली पीढ़ियों का उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित होगा।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण बोर्ड अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजोर, विधायक कालीचरण सराफ, गोरधन वर्मा, हरलाल सहारण, राजेंद्र भांबू, सुभाष मील, गोपाल शर्मा, धर्मपाल गुर्जर, विक्रम सिंह जाखल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, शेखावाटी फाउंडेशन के पदाधिकारी, विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में शेखावाटी अंचल के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

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मुख्यमंत्री ने डेगाना के तिलानेश गांव में की ग्राम विकास चौपाल- राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने संवाद के बाद मुख्यमंत्री को भेंट किए स्वनिर्मित उत्पाद- महिलाओं ने जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन के लिए जताया सरकार का आभार https://parishkarpatrika.com/chief-minister-women-associated-with-gram-vikas-chaupal-rajivika-in-tilanesh-village-of-degana-presented-gifts-to-the-chief-minister-after-the-dialogue/ https://parishkarpatrika.com/chief-minister-women-associated-with-gram-vikas-chaupal-rajivika-in-tilanesh-village-of-degana-presented-gifts-to-the-chief-minister-after-the-dialogue/#respond Sat, 18 Jul 2026 14:01:42 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5577

महिलाओं का आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक सशक्तीकरण ही वास्तविक प्रगति का आधार —जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए अपने साथ परिवार का भी उत्थान कर रहीं महिलाएं,घर-घर शौचालय से ‘गरिमा’ को मिला सम्मान, उज्ज्वला योजना से सुधरा स्वास्थ्य स्तर,नारी शक्ति वंदन अधिनियम से ‘आधी आबादी’ की राजनीति में सशक्त होगी भागीदारी- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा 

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका डेगाना/जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प चार प्रमुख जातियों महिला, युवा, किसान और मजदूर को सशक्त कर विकसित भारत के निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिनके जरिए महिलाएं अपने साथ अपने परिवार का भी उत्थान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को डेगाना के तिलानेश गांव में आयोजित ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं के साथ संवाद किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न योजनाओं से उनके जीवन में आए परिवर्तन की जानकारी ली और सुझाव भी प्राप्त किए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं से सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने और अन्य महिलाओं को भी जोड़ने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान में कई ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं। इसी क्रम में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के माध्यम से बेटियों के संरक्षण और शिक्षा को बढ़ावा दिया गया। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनाकर महिलाओं के सम्मान और गरिमा की सुरक्षा सुनिश्चित की गई। इसी प्रकार उज्ज्वला योजना के जरिए करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाते हुए रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए, जिससे उनके स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार आया। इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना में महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए आवास उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। 

उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी से जुड़ी महिलाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार डेयरी के माध्यम से पशुपालकों को 5 रुपये प्रति लीटर अनुदान प्रदान कर रही है। साथ ही, राजीविका के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर महिलाओं को स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं, लखपति दीदी योजना के तहत मात्र डेढ़ प्रतिशत ब्याज दर पर डेढ़ लाख तक का ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही सामाजिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त करने के लिए भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। इसी कड़ी में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को विधानसभाओं और संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है, जिससे सरकार की योजनाओं एवं निर्णय प्रक्रिया में उनकी भागीदारी और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि आने वाले भविष्य को मजबूत एवं सुरक्षित करने की दिशा में मा वाउचर योजना जैसी पहल शुरू की गई, जिसके तहत गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी जैसी सेवा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है। इसी प्रकार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देते हुए नियमित रूप से दूध उपलब्ध करवाया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वरिष्ठजनों को भी सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का लाभ सीधे बैंक खातों में पहुंचाया जा रहा है। वहीं, आस्था का सम्मान करते हुए वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा जैसी योजनाएं भी संचालित की कर रही है। 

इस अवसर पर जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मंजू बाघमार, राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक अजय सिंह किलक, लक्ष्मण राम कलरू, रेवंतराम डांगा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री से संवाद, सरकार का आभार — पहले मेरे घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। राजीविका से जुड़ने के बाद मैंने सिलाई का काम शुरू किया। इसके बाद मुझे कलस्टर मैनेजर बनाया गया। अब मेरी वार्षिक आय करीब सवा लाख रुपये है। मुझे लखपति दीदी बनाकर सशक्त करने और समाज में अपनी अलग पहचान दिलाने के लिए मैं सरकार की आभारी हूं।

– नीरू सोलंकी, कलस्टर मैनेजर

मेरे पति की आय कम होने के कारण घर चलाना मुश्किल था। लेकिन राजीविका से जुड़ाव मेरी उन्नति का आधार बना। शुरुआत में मैंने छोटा व्यवसाय शुरू किया, जिसमें मेरे पति ने भी पूरा सहयोग किया। धीरे-धीरे हमारी आय बढ़ने के साथ परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने लगी। आज हमारी सालाना आय लगभग ढाई लाख रुपये है। 

– अनिता गौड़, लखपति दीदी 

राजीविका से जुड़ने के बाद मेरे जीवन को नई दिशा और पहचान मिली। प्रशिक्षण प्राप्त कर मैं पशु सखी बनी। आज मेरे पास चार भैंसें और एक इलेक्ट्रॉनिक सिलाई मशीन है। पशुपालन और सिलाई कार्य से मुझे हर महीने लगभग 40 हजार रुपये की आय हो रही है। इससे ना केवल मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है।

– कमला, पशु सखी 

एक समय था जब हमारा स्वयं सहायता समूह किराए के भवन से संचालित होता था। राज्य सरकार के सहयोग से आज हमारा अपना भवन है, जिसने हमारे काम को नई पहचान और नई दिशा दी है। वर्तमान में 30-40 महिलाएं हमारे समूह से जुड़कर जूट के बैग, खिलौने और अन्य उत्पाद तैयार कर रही हैं। लगभग ढाई लाख रुपये की मासिक आय के साथ यह समूह महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रहा है।

– माया, उद्यमी

कभी हमारे घर की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। सरकार की योजनाओं से आवास और गैस सिलेंडर जैसी सुविधाएं मिलीं। राजीविका से जुड़कर प्लास्टर को-ऑर्डिनेटर बनी और आज गांव में बर्तन बैंक का संचालन कर रही हूं। स्वयं सहायता समूह से तीन बार ऋण मिला, जिसने मुझे आत्मनिर्भर बनाया। अब मैं अन्य महिलाओं को भी समूहों से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनने की राह दिखा रही हूँ।

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मुख्यमंत्री ने केकड़ी में विभिन्न विकास कार्यों की दी सौगात, लगभग 880 करोड़ के कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण, पानी-बिजली पर रोडमैप बनाकर किया काम https://parishkarpatrika.com/chief-minister-dedicated-various-development-works-in-kekri-laid-the-foundation-stone-of-works-worth-about-rs-880-crores/ https://parishkarpatrika.com/chief-minister-dedicated-various-development-works-in-kekri-laid-the-foundation-stone-of-works-worth-about-rs-880-crores/#respond Sun, 12 Jul 2026 03:59:00 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5535

मुख्यमंत्री का केकड़ी दौरा – धरातल पर दिखा असरसड़क तंत्र, रेल नेटवर्क और नए एयरपोर्ट्स सेविकास की नई उड़ान भर रहा राजस्थान,किसान, मजदूर, महिला और युवा वर्ग का हो रहा सर्वांगीण विकास – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा – मुख्यमंत्री ने किया नसीराबाद-सरवाड़-केकड़ी-देवली फेज-प्रथम फोर लेन सड़क का शिलान्यास

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हमारी डबल इंजन सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। रोडमैप बनाकर पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिसका असर धरातल पर दिख रहा है। मुख्यमंत्री शनिवार को अजमेर के केकड़ी में आयोजित लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 33 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत से लगभग 49 हजार किलोमीटर लंबी सड़कों का विकास करवाया गया है। साथ ही, 18 हजार किलोमीटर लंबी नई सड़कों का निर्माण हुआ है। इसके अलावा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 3 हजार किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण के कार्य हुए हैं। वहीं, रेल नेटवर्क को विकसित करने के साथ ही नए एयरपोर्ट्स के जरिये प्रदेश विकास की नई उड़ान भर रहा है।

उन्होंने कहा कि पानी प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राज्य सरकार ने प्रमुख जल परियोजनाओं पर फोकस करते हुए हर व्यक्ति तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। इसी क्रम में राम जलसेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसे कई प्रोजेक्ट्स पर प्रमुखता से कार्य करके दिखाया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार प्रमुख जातियों किसान, मजदूर, महिला और युवा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है। प्रदेश में किसान सम्मान निधि की राशि को 6 हजार से बढ़ाकर 9 हजार रुपये किया, जिसे आने वाले समय में 12 हजार रुपये प्रतिवर्ष किया जाएगा। वहीं, किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध करवाने के साथ ही बिलों में अनुदान दे रहे है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के जरिये पशुपालकों को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल रहा है। इसी प्रकार मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के माध्यम से 22 लाख से अधिक बीमा पॉलिसी की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 78 हजार पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं तथा 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। निजी क्षेत्र में भी साढ़े चार लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में ग्रामीण युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध करवाया जा रहा है। साथ ही, महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाकर आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। 

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कार्यों से प्रदेश विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी जैसे विश्व स्तरीय प्रोजेक्ट का लोकार्पण विकास की इसी सकारात्मक सोच का परिणाम है।

सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि यमुना के पानी को राजस्थान की धरती पर लाना मुख्यमंत्री का भगीरथी प्रयास है, जिसका लाभ शेखावाटी की जनता को मिलेगा। वहीं, सड़क तंत्र को मजबूत बनाने के साथ ही प्रदेश का बिजली उत्पादन में सरप्लस होना भी मुख्यमंत्री की बड़ी उपलब्धि है। 

मुख्यमंत्री ने किया पौधारोपण,

जगह-जगह हुआ भव्य स्वागत

मुख्यमंत्री का केकड़ी पहुंचने पर भव्य स्वागत और अभिनंदन किया गया। उन्होंने हेलीपेड के पास राजकीय महाविद्यालय में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद कार्यक्रम स्थल कृषि उपज मंडी प्रस्थान के दौरान मार्ग में विभिन्न स्थानों पर आमजन ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

मुख्यमंत्री ने इन विकास कार्यों का किया शिलान्यास-

• नसीराबाद-सरवाड़-केकड़ी-देवली फेज-प्रथम फोर लेन

• सिंगावल, गोपालपुरा, भिनाय, टांटोटी रोड, डबरेला एमडीआर सड़क 

• केरोट, जैतपुरा, चांवड़िया, पाडलिया, नागोल, बडला, रघुनाथगढ़, रामालिया, टांटोटी, केबानिया, भटियानी तक की सड़क का सुदृढ़ीकरण और चौड़ाईकरण

• हरपुरा, कुमारिया, हिंगोनिया, लल्लाई, भांटोलाव, सरवाड़, जडाना, खांडरा, सांतोलाव, केरियाखुर्द, नागोला सड़क

• दतोब, भादू का खेड़ा, कुहाड़ा, कनोज, लसाड़िया, एकलसिंहा, केकड़ी सड़क 

• धुंवालिया, एकलसिंहा, मेवदाकलां, रूपनिवास, सलारी, तसवारिया, मोलकिया, कालेड़ा, फारकिया, भंराई, प्रान्हेड़ा, सांपला सड़क

• केकड़ी नगरपालिका के विभिन्न वार्डों में सीसी सड़क

• क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में कमरों का निर्माण

इन कार्यों का किया लोकार्पण-

• राजकीय आयुर्वेद, योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा एकीकृत महाविद्यालय भवन

• केकड़ी, सरवाड़, नसीराबाद, सावर, देवली, सड़क का उन्नयन

• केकड़ी क्षेत्र में पुलिया और सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य

इस दौरान केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, देवनारायण बोर्ड अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना, विधायक शत्रुघन गौतम, शंकर सिंह रावत, रामस्वरूप लाम्बा, गोपी चंद मीणा, राजेन्द्र गुर्जर एवं वीरेन्द्र सिंह कानावत सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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पोषण अभियान: जुलाई से सितम्बर 2026 तक हर माह 2 समुदाय आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देशगोदभराई, सुपोषण दिवस, क्षेत्रीय भोजन दिवस पर रहेगा फोकस https://parishkarpatrika.com/nutrition-campaign-instructions-to-organize-2-community-based-programs-every-month-from-july-to-september-2026-baby-shower-good-nutrition-day/ https://parishkarpatrika.com/nutrition-campaign-instructions-to-organize-2-community-based-programs-every-month-from-july-to-september-2026-baby-shower-good-nutrition-day/#respond Sat, 11 Jul 2026 04:16:45 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5506

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  महिला एवं बाल विकास विभाग के समेकित बाल विकास सेवाएँ निदेशालय ने पोषण अभियान के तहत जुलाई, अगस्त एवं सितम्बर 2026 में समुदाय आधारित कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश जारी किए हैं। आईसीडीएस निदेशक वासुदेव मालावत ने बताया कि प्रदेश की आँगनबाड़ियों में प्रत्येक माह थीम आधारित 2 सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

निदेशक ने बताया कि जुलाई में 8 जुलाई को गोदभराई/प्रवेशोत्सव तथा 22 जुलाई को क्षेत्रीय भोजन दिवस मनाया जाएगा। क्षेत्रीय भोजन दिवस पर आंगनबाड़ी केन्द्र पर स्थानीय सामग्री से बने भोजन एवं निर्माण विधियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अगस्त में 11 अगस्त को सुपोषण दिवस तथा 25 अगस्त को जन स्वास्थ्य संदेश दिवस आयोजित होगा। जन स्वास्थ्य संदेश दिवस पर हाथ धोना, स्वच्छ पेयजल एवं पौष्टिक भोजन जैसे सार्वजनिक स्वच्छता संदेश दिए जाएंगे। निदेशक ने बताया कि सितम्बर 2026 में 9 सितम्बर को गोदभराई/प्रवेशोत्सव एवं 23 सितम्बर को क्षेत्रीय भोजन दिवस का आयोजन होगा।

निदेशक ने बताया कि सभी उप-निदेशक एवं बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे तय कार्यक्रमों का आयोजन समय पर सुनिश्चित करें। आयोजित गतिविधियों की सूचना पोषण ट्रेकर ऐप पर अनिवार्य रूप से एन्ट्री करने तथा निर्धारित प्रपत्र में सूचना भरकर nnm.wcd@rajasthan.gov.in पर भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।

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लोकमंथन-2026 का कर्टन रेजर कार्यक्रम-राजस्थान शक्ति, भक्ति, विचार, वीरता, संस्कृति  और लोक परंपराओं की धरती सांस्कृतिक चेतना के माध्यम लोकमंथन का राजस्थान में आयोजन होना गर्व की बात https://parishkarpatrika.com/curtain-raiser-program-of-lokmanthan-2026-rajasthan-the-land-of-power/ https://parishkarpatrika.com/curtain-raiser-program-of-lokmanthan-2026-rajasthan-the-land-of-power/#respond Thu, 02 Jul 2026 02:19:07 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5373

राष्ट्र सर्वोपरि की भावना से प्रेरित विचारकों, कलाकारों और नीति निर्माताओं को मिलेगा साझा मंचलोकमंथन के आयोजन में हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी राज्य सरकार- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान शक्ति, भक्ति, विचार, वीरता, संस्कृति और लोक परंपराओं की धरती है। यहां की लोककला, संत परंपरा, साहित्य की विरासत भारत की सांस्कृतिक विविधता दर्शाती है। वर्ष 2016 में उपनिवेशवाद से मुक्ति की थीम के साथ शुरू हुए लोकमंथन के पांचवें संस्करण का राजस्थान में आयोजन होना गर्व की बात है। वहीं, ‘हम भारत के लोग’ की थीम के साथ होने वाले इस आयोजन ने पूरे देश को वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश दिया है।

मुख्यमंत्री बुधवार को जयपुर के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित लोकमंथन-2026 के कर्टन रेजर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकमंथन का उद्देश्य राष्ट्र सर्वाेपरि की भावना से प्रेरित विचारकों, कर्मशील लोगों, लोक कलाकारों, कारीगरों, शिक्षाविदों, नीति निर्माताओं और युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करना है। इसी क्रम में इस बार लोकमंथन भारतीय सभ्यता के वैश्विक संवाद का माध्यम बन रहा है, क्योंकि विश्वभर में मौजूद भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि भी इस बार भाग ले रहे हैं। जिससे राजस्थान की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को भी विश्व पटल पर नई पहचान मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने राजनीति को बनाया राष्ट्र निर्माण का साधन -उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ राजनीति को राष्ट्र निर्माण का साधन बनाया है। उनके निर्णय, योजना और अभियान के केंद्र में भारत माता, भारत की जनता और भारत का भविष्य रहता है। प्रधानमंत्री ने आर्थिक आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई प्रदान की है। एक भारत श्रेष्ठ भारत, वोकल फॉर लोकल, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के पीछे मूल भाव यही है कि भारत अपनी सांस्कृतिक शक्ति, बौद्धिक क्षमता और पारंपरिक ज्ञान के आधार पर विश्व का नेतृत्व करे। वहीं, अयोध्या का राम मंदिर, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, उज्जैन का महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर आदि सांस्कृतिक पुनर्जागरण के साक्षी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लोकमंथन की सफलता के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। यह आयोजन राजस्थान को राष्ट्रीय तथा सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और अधिक प्रतिष्ठा प्रदान करेगा। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि इस आयोजन को भारत की सांस्कृतिक चेतना, बौद्धिक शक्ति और राष्ट्र प्रथम के संकल्प का महोत्सव बनाया जाए।

केन्द्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि हमारा सांस्कृतिक इतिहास सबसे पुराना है और लोकमंथन भारतीयों को उसी प्राचीन भारत के साथ जोड़ने का मंच है। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह आयोजन अतीत का विषय नहीं होकर भविष्य का लक्ष्य प्राप्त करने का साधन है। ‘हम भारत के लोग’ के केवल लोकमंथन के आयोजन का विषय नहीं होकर 140 करोड़ भारतीयों का उद्घोष है।

प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार ने कहा कि लोकमंथन समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने और प्राचीन भारत के सार्थक मूल्यों पर संवाद का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस मंच पर संवाद का अर्थ जानना और जानकारी देने के साथ ही प्रत्येक व्यक्ति की अच्छाई और भलाई के लिए कार्य करने का संकल्प लेना है।

उन्होंने कहा कि पूरे देश में राजस्थान सबसे अधिक सांस्कृतिक विविधता वाला राज्य है। 2016 में भोपाल में उपनिवेशवाद से मुक्ति विषय के साथ लोकमंथन की शुरुआत की गई थी। अब राजस्थान जैसे लोक संस्कृति से परिपूर्ण राज्य की राजधानी में पांचवां संस्करण आयोजित होना इसे नए आयाम प्रदान करेगा।

कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने भी संबोधित किया। साथ ही, लोकमंथन की वेबसाइट का लोकार्पण और प्रज्ञा प्रवाह समिति के संयोजक जे. नंद कुमार द्वारा लिखित पुस्तक ‘फोक से परे लोक’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान के लोक कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गई। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक डॉ. रमेश चन्द्र अग्रवाल, पद्मश्री अलगोजा वादक तगाराम भील, ध्रुपद गायिका डॉ. मधु भट्ट तैलंग सहित कई प्रबुद्धजन एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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