Health – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com News Website Fri, 24 Apr 2026 04:28:18 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=6.9.4 https://parishkarpatrika.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-site-icon-32x32.png Health – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com 32 32 पशुपालन मंत्री ने गर्मी के मौसम में लू और तापघात से पशुओं को बचाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के विभाग को दिए निर्देश -पशुपालकों से भी सचेत और जागरूक रहने की अपील की https://parishkarpatrika.com/the-animal-husbandry-minister-gave-instructions-to-the-animal-husbandry-department-to-take-all-necessary-steps-to-save-the-animals-from-heat-stroke-and-heat-stroke-during-the-summer-season/ https://parishkarpatrika.com/the-animal-husbandry-minister-gave-instructions-to-the-animal-husbandry-department-to-take-all-necessary-steps-to-save-the-animals-from-heat-stroke-and-heat-stroke-during-the-summer-season/#respond Fri, 24 Apr 2026 04:27:34 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4878

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए  पशुपालन, गोपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने प्राकृतिक परिवर्तनों के प्रभाव से पशुधन को स्वस्थ रखने हेतु प्रदेश के पशुपालकों से सचेत और जागरूक रहने की अपील की है तथा पशुपालन विभाग को भी पशुओं के रखरखाव पोषण एवम् स्वास्थय रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाये जाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य में गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। आगामी महीनों में तापमान बढ़ने के साथ लू और तापघात के कारण पशुधन के स्वास्थय और उत्पादन क्षमता पर असर पड़ सकता है। गर्मी के कारण पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित होने से विभिन्न संक्रामक रोग की संभावना भी रहती है। खासकर दुधारू पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर गर्मी का बहुत असर पड़ता है। अधिक गर्मी के कारण दुधारू पशु अक्सर जल्दी बीमार पड़ते हैं और दूध देना कम कर देते हैं. इसके कारण पशुपालकों को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। पशुपालन मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा पशुओं की देख भाल को लेकर समय समय पर निर्देश जारी किए जाते हैं पशुपालक उन निर्देशों का पालन करें। जरूरत पड़ने पर अपने नजदीक के पशु चिकित्सालय या उप केंद्र में संपर्क करें।

प्रमुख शासन सचिव पशुपालन, गोपालन तथा मत्स्य विकास सीतारामजी भाले ने भी सभी जिला पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अपने क्षेत्रों में पशुधन के लू और तापघात से बचाव के लिए विशेष प्रयास करें, पशुपालकों को जागरूक करें और सभी उपयोगी जानकारियों को विभिन्न प्रचार माध्यमों से अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की जागरूकता तथा समय पर उठाए गए कदम पशुधन को लू से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रमुख शासन सचिव ने निराश्रित पशुओं के लिए पशु आश्रय स्थलों, चारागाहों और रास्ते में उपयुक्त स्थानों पर जलकुंडों और पक्षियों के लिए जन सहभागिता से सभी उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों और घरों में परिंडे लगाने के लिए आमजन और स्वयंसेवी संगठनों को प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं जिससे पशु पक्षियों को पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि स्थापित किए गए जल कुंडों एवं परिंडों में नियमित रूप से जल भराव सुनिश्चित करने हेतु संबंधित विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं, गौशालाओं, सामाजिक संगठनों एवं जन सहयोग को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि इन व्यवस्थाओं का सतत संचालन बना रहे। पशुपालकों से भी अपील की गई है कि वे गर्मी के मौसम में अपने पशुओं का विशेष ध्यान रखें। उन्हें छायादार स्थानों पर बांधकर रखें और दिन के अत्यधिक गर्म समय में बाहर न निकालें। पशुओं को दिन में कम से कम चार बार ठंढे, शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें। भारवाहक पशुओं को यथासम्भव प्रातः एवम् सांयकाल में काम में लेनेे तथा दोपहर के समय इन्हें आराम देने की भी सलाह दी गई है।

]]>
https://parishkarpatrika.com/the-animal-husbandry-minister-gave-instructions-to-the-animal-husbandry-department-to-take-all-necessary-steps-to-save-the-animals-from-heat-stroke-and-heat-stroke-during-the-summer-season/feed/ 0
राज्य सरकार द्वारा हीटवेव से बचाव हेतु एडवाइजरी जारी- आमजन के लिए लू से बचाव के दिशा निर्देश जारी   https://parishkarpatrika.com/state-government-issues-advisory-to-protect-people-from-heat-wave-guidelines-issued-for-common-people-to-protect-themselves-from-heat-wave/ https://parishkarpatrika.com/state-government-issues-advisory-to-protect-people-from-heat-wave-guidelines-issued-for-common-people-to-protect-themselves-from-heat-wave/#respond Thu, 23 Apr 2026 07:59:38 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4874

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। प्रदेश में बढ़ते तापमान और आगामी गर्मी/लू-ताप की लहर (हीटवेव) की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की गई है। आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग की  उप शासन सचिव शैफाली कुशवाहा ने बताया कि राज्य में हीट वेव (लू-ताप) की स्थिति के प्रभावी शमन एवं प्रबंधन के लिए “गर्मी/लू-ताप की लहर (क्या करें और क्या न करें)” विषयक दिशा-निर्देश  जारी किए हैं। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का पालन कर स्वयं एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें।


विभाग ने नागरिकों, नियोक्ताओं एवं पशुपालकों से अपील की है कि वे लू के दुष्प्रभावों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां सुनिश्चित करें। विशेष रूप से बच्चों, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं एवं बीमार व्यक्तियों का अतिरिक्त ध्यान रखें। आमजन को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय मौसम की अद्यतन जानकारी रेडियो, दूरदर्शन, समाचार पत्रों अथवा मोबाइल एप के माध्यम से नियमित रूप से प्राप्त करते रहें। पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें तथा ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी एवं छाछ जैसे घरेलू पेय पदार्थों को दैनिक आहार में शामिल करें। धूप में बाहर निकलते समय हल्के रंग के, ढीले एवं सूती वस्त्र पहनें तथा सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें। आंखों एवं त्वचा की सुरक्षा के लिए धूप के चश्मे एवंसनस्क्रीन का उपयोग करें।

नियोक्ताओं को निर्देशित किया गया है कि कार्यस्थलों पर शीतल पेयजल एवं प्राथमिक चिकित्सा सामग्री (ओआरएस, आइस पैक आदि) की उपलब्धता सुनिश्चित करें। श्रमिकों को सीधी धूप से बचाने हेतु छायादार स्थान उपलब्ध कराए जाएं तथा भारी श्रम वाले कार्य प्रातः या सायंकाल के समय ही कराए जाएं। कार्यस्थलों पर हीट स्ट्रेस के लक्षणों के प्रति जागरूकता सुनिश्चित की जाए तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।            
पशुपालकों को सलाह दी गई है कि वे पशुओं को छायादार स्थान पर रखें तथा स्वच्छ एवं ठंडे पानी की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें। प्रातः 11 बजे से सायं 4 बजे के मध्य पशुओं से कार्य नहीं लिया जाए। शेड की छतों को पुआल से ढकने अथवा सफेद रंग/चूने से पुताई करने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त पशुओं के चारे में हरे चारे एवं खनिज मिश्रण (मिनरल मिक्स) का समावेश करने तथा समय-समय पर पानी का छिड़काव करने की भी सलाह दी गई है।   

विभाग द्वारा आमजन को यह भी सलाह दी गई है कि दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचें। खाली पेट अथवा अत्यधिक भारी भोजन कर बाहर न जाएं तथा अधिक प्रोटीनयुक्त एवं बासी भोजन के सेवन से परहेज करें। शराब, चाय, कॉफी एवं कार्बोनेटेड पेय पदार्थों के सेवन से बचें, क्योंकि ये शरीर में जल की कमी उत्पन्न करते हैं। बच्चों एवं पालतू पशुओं को बंद वाहनों में अकेला न छोड़ें। अत्यधिक शारीरिक गतिविधि से बचें तथा बार-बार ठंडे पानी से चेहरा एवं हाथ धोते रहें।       

आपातकालीन स्थिति में यदि किसी व्यक्ति को चक्कर, अत्यधिक पसीना, कमजोरी, सिरदर्द अथवा मतली का अनुभव हो, तो उसे तुरंत ठंडे स्थान पर ले जाकर गीले कपड़े से शरीर को ठंडा करें तथा ओआरएस अथवा नींबू पानी पिलाएं। हीट स्ट्रोक के गंभीर लक्षण जैसे बेहोशी, तेज बुखार या भ्रम की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। आवश्यकता पड़ने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं अथवा टोल-फ्री नंबर 108 अथवा 112 पर संपर्क करें ताकि समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

]]>
https://parishkarpatrika.com/state-government-issues-advisory-to-protect-people-from-heat-wave-guidelines-issued-for-common-people-to-protect-themselves-from-heat-wave/feed/ 0
मॉडल स्कूल, सुन्दर विलास को शिफ्ट करें, छात्राओं को मिले सुविधा—विधानसभा अध्यक्ष ने ली अजमेर में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक https://parishkarpatrika.com/model-school-should-be-shifted-to-sunder-vilas-students-should-get-facilities-assembly-speaker-took-the-meeting-of-education-department-officials-in-ajmer/ https://parishkarpatrika.com/model-school-should-be-shifted-to-sunder-vilas-students-should-get-facilities-assembly-speaker-took-the-meeting-of-education-department-officials-in-ajmer/#respond Mon, 20 Apr 2026 15:44:10 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4858

कोटड़ा स्कूल का नाम राजकीय सिंधी उ.मा.विद्यालय कोटड़ा करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजने के निर्देश

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने  अजमेर में राजकीय मॉडल बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुन्दर विलास को सावित्री प्राथमिक विद्यालय के भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। इसके भवन की मरम्मत पर 55 लाख रूपए खर्च होंगे, जो शीघ्र स्वीकृत करवा देंगे। कोटड़ा में नवनिर्मित स्कूल में दो स्कूलों को मर्ज किया जा रहा है। श्री देवनानी ने बताया कि इसका नाम राजकीय सिंधी उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटड़ा करने का प्रस्ताव भी भेजा जा रहा है।

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने अजमेर सर्किट हाउस शिक्षा अधिकारियों की में ये निर्णय लिए। श्री देवनानी ने बताया कि मॉडल स्कूल को शिफ्ट करने से शहर में बालिका शिक्षा को बड़ा सम्बल मिलेगा। देवनानी ने अधिकारियों से शहर में जीर्ण-शीर्ण विद्यालयों व कक्षों के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि बारिश के समय किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए जर्जर भवनों की मरम्मत कराई जाए। पीडब्ल्यूडी भी इस दिशा में काम करें।

उन्होंने शिक्षा विभाग एवं अजमेर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से डीएमएफटी फंड से स्कूलों में होने वाले विकास कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि 5 करोड़ रूपए से होने वाले यह विकास कार्य जल्द शुरू करवाएं जाएं ताकि विद्यार्थियों को इसका लाभ मिल सके। श्री देवनानी ने विधायक कोष से स्कूलों में होने वाले कामों की भी समीक्षा की।

विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से स्कूलों के सैकण्डरी बोर्ड परीक्षा परिणाम की भी जानकारी ली तथा स्कूल स्टाफ का मूल्यांकन भी इस आधार पर करने के निर्देश दिए। उन्होंने नामांकन बढ़ाने के भी निर्देश दिए जिससे कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे।  आंगनबाड़ी आ रहे बच्चों में से स्कूल जाने लायक उम्र के बच्चों का नामांकन करने के निर्देश दिए। इसके लिए शिक्षक स्कूल समय के अतिरिक्त क्षेत्र में संपर्क कर बच्चों को शिक्षा से जोड़ें।

]]>
https://parishkarpatrika.com/model-school-should-be-shifted-to-sunder-vilas-students-should-get-facilities-assembly-speaker-took-the-meeting-of-education-department-officials-in-ajmer/feed/ 0
जयपुर बना आध्यात्मिक चेतना का केंद्र — “आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय” का ऐतिहासिक पुनः समर्पण, हजारों ने लिया दिव्यता का अनुभव https://parishkarpatrika.com/jaipur-becomes-the-center-of-spiritual-consciousness-historic-re-dedication-of-spiritual-heritage-museum-thousands-experienced-divinity/ https://parishkarpatrika.com/jaipur-becomes-the-center-of-spiritual-consciousness-historic-re-dedication-of-spiritual-heritage-museum-thousands-experienced-divinity/#respond Mon, 20 Apr 2026 15:33:13 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4852

“आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय: आत्म-जागृति का सशक्त माध्यम” — राजयोगिनी जयंती दीदी

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। जयपुर ने एक ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण क्षण का साक्षात्कार किया, जब प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा “Museum of Spiritual Legacy (आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय)” को उसके नवीन, भव्य एवं अत्याधुनिक स्वरूप में समाज को पुनः समर्पित किया गया। बिड़ला ऑडिटोरियम में आयोजित “आध्यात्मिक विरासत समारोह” आध्यात्मिकता, संस्कृति और मानवीय मूल्यों का विराट उत्सव बनकर उभरा।

सबसे प्रमुख रूप से ब्रह्माकुमारीज की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी बी.के. जयंती दीदी ने अपने विस्तृत एवं ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज विश्व जिस मानसिक अशांति, तनाव और मूल्यहीनता के दौर से गुजर रहा है, उसका एकमात्र समाधान आत्मिक जागरूकता और आध्यात्मिक जीवनशैली में निहित है। उन्होंने कहा कि मनुष्य अपनी वास्तविक पहचान—आत्मा—को भूलकर बाहरी उपलब्धियों में सुख खोजता है, जबकि सच्ची शांति भीतर के मूल गुणों—शांति, प्रेम, आनंद और पवित्रता—को जागृत करने से प्राप्त होती है। उन्होंने आगे कहा कि “आध्यात्मिक विरासत संग्रहालय” केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त माध्यम है जो व्यक्ति को स्वयं से जोड़ता है, उसे उसके वास्तविक स्वरूप का बोध कराता है और जीवन को सकारात्मक दिशा प्रदान करता है। उन्होंने सभी को राजयोग ध्यान को अपनाकर अपने जीवन में स्थायी शांति और संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आध्यात्मिक प्रयास समाज को सही दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और ब्रह्माकुमारी संस्थान इस दिशा में निरंतर सराहनीय कार्य कर रहा है।

पूर्व अध्यक्ष, अल्पसंख्यक आयोग जसबीर सिंह ने संग्रहालय को सामाजिक समरसता और मानवीय मूल्यों को सुदृढ़ करने वाला प्रेरणास्रोत बताया। महासचिव राजयोगी करुणा भाई ने संस्थान की वैश्विक सेवाओं एवं आध्यात्मिक संदेश के व्यापक प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह संग्रहालय एक जीवंत प्रेरणा का केंद्र है। जोनल हेड राजयोगिनी बी.के. सुषमा दीदी ने इसे आत्म-जागृति और जीवन परिवर्तन का प्रभावशाली माध्यम बताया, जबकि धार्मिक प्रभाग की अध्यक्षा राजयोगिनी बी.के. मनोरमा दीदी ने ऐसे आयोजनों को समाज में आध्यात्मिक पुनर्जागरण की आधारशिला बताया।

संग्रहालय के संबंध में जानकारी देते हुए सेवाकेंद्र प्रभारी राजयोगिनी बी.के. चंद्रकला दीदी ने बताया कि यह संग्रहालय लगभग 45×60 वर्गफुट क्षेत्रफल में विकसित किया गया है, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक और रचनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से ब्रह्माकुमारी संस्थान के इतिहास, आध्यात्मिक ज्ञान एवं मूल्यों को सजीव रूप में प्रदर्शित किया गया है। इसमें एक शांतिपूर्ण मेडिटेशन रूम, विविध आध्यात्मिक मॉडल्स तथा प्रेरणादायक झांकियाँ शामिल हैं, जो प्रत्येक आगंतुक को आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कराती हैं। यह संग्रहालय वर्ष 1967 में स्वयं संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की प्रेरणा से आरंभ हुई आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक युग के अनुरूप प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम का शुभारंभ भव्य दीप प्रज्ज्वलन (Candle Lighting Ceremony) से हुआ, जिसने पूरे सभागार को दिव्यता और सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने संग्रहालय के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान और जीवन मूल्यों की गहन अनुभूति प्राप्त की।

समारोह के अंत में सभी विशिष्ट अतिथियों को सम्मानपूर्वक ईश्वरीय सौगात भेंट की गई तथा उपस्थित नागरिकों को ईश्वरीय प्रसाद वितरित किया गया। यह भव्य एवं दिव्य आयोजन न केवल सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, बल्कि जयपुर शहर में आध्यात्मिक जागरूकता, सकारात्मक सोच और मूल्यनिष्ठ जीवन का सशक्त संदेश भी प्रसारित कर गया।

]]>
https://parishkarpatrika.com/jaipur-becomes-the-center-of-spiritual-consciousness-historic-re-dedication-of-spiritual-heritage-museum-thousands-experienced-divinity/feed/ 0
योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मन और आत्मा को शुद्ध करने का एक प्रभावी माध्यम भी- आचार्यश्री महाश्रमण https://parishkarpatrika.com/yoga-is-not-only-a-physical-exercise-but-it-is-also-an-effective-medium-to-purify-the-mind-and-soul-acharyashri-mahashraman/ https://parishkarpatrika.com/yoga-is-not-only-a-physical-exercise-but-it-is-also-an-effective-medium-to-purify-the-mind-and-soul-acharyashri-mahashraman/#respond Thu, 16 Apr 2026 13:28:40 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4841

लाडनूं में ’योग महोत्सव 2026’ में सैंकड़ों प्रतिभागियों ने लिया स्वस्थ जीवन का संकल्प

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लाडनूं। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, आयुष मंत्रालय भारत सरकार के निर्देशन में जैन विश्वभारती संस्थान के योग एवं जीवन विज्ञान विभाग के तत्वावधान में ’योग महोत्सव 2026’ के 66वें कांउटडाउन कार्यक्रम के अन्तर्गत गुरुवार को प्रातः सुधर्मा सभा में आचार्य श्री महाश्रमण के सान्निध्य एवं कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ की अध्यक्षता में उत्साह, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के बीच योग महोत्सव आयोजित किया गया। कार्यक्रम योग प्रोटोकॉल के अनुसार सामूहिक योगाभ्यास से हुआ। इस अवसर पर संस्थान के अनुशास्ता आचार्य श्री महाश्रमण ने ज्ञान, दर्शन व चारित्र को योग का माध्यम और योग को आत्मिक उन्नति, संयम और स्वस्थ जीवन का आधार बताया। उन्होंने अष्टांग योग की चर्चा करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह मन और आत्मा को शुद्ध करने का एक प्रभावी माध्यम भी है। संस्थान के आध्यात्मिक पर्यवेक्षक मुनि कुमार श्रमण ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति के जीवन में संतुलन, शांति और सकारात्मकता का विकास होता है।

भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर है योग : योग महोत्सव की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की प्राचीन धरोहर है, जिसे आज सम्पूर्ण विश्व अपना रहा है। ऐसे आयोजन युवाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सकारात्मक जीवनशैली की ओर प्रेरित करते हैं। योग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. युवराजसिंह खंगारोत ने प्रशिक्षण देते हुए बताया कि कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग तक योग का संदेश पहुंचाया जा सके। कार्यक्रम के अन्तर्गत नगरपालिका के अधिशाषी अधिकारी हरेन्द्र सहारण का सम्मान किया गया। इस अवसर पर जैन विश्वभारती के अध्यक्ष अमरचन्द लूंकड़ भी उपस्थित रहे। समारोह में सम्मिलित सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का सामूहिक संकल्प लिया।

विद्यार्थियों का योग प्रदर्शन रहा विशेष आकर्षण का केंद्र : प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित जनसमूह ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान क्रियाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बाद में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन रहा। विद्यार्थियों ने संतुलन, लचीलापन और एकाग्रता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए दर्शकों की खूब सराहना बटोरी। अनुशासित और प्रेरणादायक सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम ने भी पूरे वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में संस्थान के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों का सराहनीय योगदान रहा।

इन सबकी रही उपस्थिति, नियमित योग का लिया संकल्प : कार्यक्रम में धर्मचन्द लूंकड, जयंतीलाल सुराणा, प्रमोद बैद, पन्नालाल भंसाली, हनुमानमल जागीड, सुशील शर्मा आदि गणमान्य जन तथा भारत विकास परिषद, अग्रवाल समाज सहित अनेक संस्थाओं के पदाधिकारी और स्थानीय सुभाष बोस उच्च माध्यमिक विद्यालय, केशरदेवी सेठी बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, भूतोड़िया बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, जौहरी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, लक्की डिफेंस एकेडमी, मौलाना आजाद उच्च माध्यमिक विद्यालय सहित नगर की विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के विद्यार्थी एवं शिक्षक गण के अलावा अनेक साधु-संत, श्रावक-श्राविकाएं एवं स्थानीय नागरिक सहित करीब एक हजार लोग उपस्थित रहे और योग महोत्सव में भाग लेकर योग के प्रति अपनी जागरूकता और प्रतिबद्धता का परिचय दिया। अंत में आभार ज्ञापन प्रो. बी.एल. जैन ने किया।

]]>
https://parishkarpatrika.com/yoga-is-not-only-a-physical-exercise-but-it-is-also-an-effective-medium-to-purify-the-mind-and-soul-acharyashri-mahashraman/feed/ 0
राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी 2025: ऑनलाइन आवेदन शुरू : 10.5 लाख से अधिक खुदरा व्यापारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का अवसर – उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़  https://parishkarpatrika.com/rajasthan-trade-promotion-policy-2025-online-application-started-10-more-than-5-lakh-retail-traders-will-get-the-opportunity-to-increase-business-industry-and-commerce/ https://parishkarpatrika.com/rajasthan-trade-promotion-policy-2025-online-application-started-10-more-than-5-lakh-retail-traders-will-get-the-opportunity-to-increase-business-industry-and-commerce/#respond Tue, 14 Apr 2026 12:26:11 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4815

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। प्रदेश के व्यापारियों को प्रोत्साहित करने के लाई गई राजस्थान ट्रेड प्रमोशन पॉलिसी-2025 के तहत आवेदन शुरू हो गए हैं। स्वयं की एसएसओ आईडी या ई-मित्र के माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। इस नीति के तहत खुदरा व्यापारियों को 2 करोड़ रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसपर राज्य सरकार 6 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान और इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत तक की सहायता सहित अन्य लाभ देगी।

उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में व्यापार क्षेत्र में इस प्रकार की नीति पहली बार लाई गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश के छोटे व्यापारियों को बड़े ट्रेड, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और लॉजिस्टिक नेटवर्क जैसे समान अवसर उपलब्ध कराना है। इससे व्यापार क्षेत्र में निवेश वृद्धि होने के साथ ही रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

10.5 लाख से अधिक खुदरा व्यापारियों को मिलेगा व्यापार बढ़ाने का अवसर— कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि इस नीति से राज्य का खुदरा और थोक व्यापार सशक्त होगा। यह नीति राज्य में 10.5 लाख से अधिक रिटेल स्टोर्स और तेजी से बढ़ते उपभोक्ता बाजार को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। यह व्यापार क्षेत्र में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन करने, छोटे ट्रेडर्स को बाजार एवं ऋण तक आसान पहुंच उपलब्ध करवाने तथा खुदरा व थोक व्यापार में एमएसएमई उद्यमों के विकास के लिए कार्य करेगी।

नए सूक्ष्म व्यापारी उद्यमों की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये तक के ऋण पर 6 प्रतिशत तथा एक करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर 4 प्रतिशत तक ब्याज अनुदान दिया जाएगा। महिला, एससी, एसटी, दिव्यांगजन व्यापारियों को एक करोड़ से अधिक एवं 2 करोड़ रुपये तक के ऋण पर एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान देय होगा। सीजीटीएमएसई (सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) योजना के तहत 5 करोड़ रुपये तक के ऋण के कवरेज के लिए देय गारंटी फीस का 5 वर्षों तक 50 प्रतिशत पुनर्भरण किया जाएगा।

सूक्ष्म व्यापारी उद्यमों को 5 वर्ष तक इंश्योरेंस प्रीमियम पर 50 प्रतिशत (अधिकतम 1 लाख रुपये प्रति वर्ष) तक की सहायता का प्रावधान है। ई-कॉमर्स के प्रयोग को प्रोत्साहन के लिए एक वर्ष तक प्लेटफॉर्म फीस का 75 प्रतिशत (अधिकतम 50 हजार रुपये) तक की सहायता दी जाएगी।

]]>
https://parishkarpatrika.com/rajasthan-trade-promotion-policy-2025-online-application-started-10-more-than-5-lakh-retail-traders-will-get-the-opportunity-to-increase-business-industry-and-commerce/feed/ 0
कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने आचार्य महाश्रमण से लिया आर्शीर्वाद, युवाओं को दिया नैतिकता, सद्भाव और नशा मुक्ति का संदेश https://parishkarpatrika.com/colonel-rajyavardhan-singh-took-blessings-from-acharya-mahashraman-and-gave-the-message-of-morality-harmony-and-de-addiction-to-the-youth/ https://parishkarpatrika.com/colonel-rajyavardhan-singh-took-blessings-from-acharya-mahashraman-and-gave-the-message-of-morality-harmony-and-de-addiction-to-the-youth/#respond Mon, 13 Apr 2026 05:46:30 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4804

युवा मामले एवं खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ रहे लाडनूं दौरे पर
ब्यूरो चीफ रवि सिंह किरार/परिष्कार पत्रिका लाडनूं। उद्योग एवं वाणिज्य सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार युवा मामले और खेल तथा सैनिक कल्याण विभाग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ सोमवार डीडवाना कुचामन जिले के लाडनूं दौरे पर रहे। इस दौरान उन्होंने जैन विश्व भारती के युवा आलोक भवन में अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद द्वारा आयोजित उत्तरांचल युवा सम्मेलन में शिरकत की। इससे पूर्व उन्होंने आचार्य श्री महाश्रमण से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजित युवा सम्मेलन में युवाओं को संबोधित करते हुए राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मानवताए नैतिकताए सद्भाव व नशा मुक्तिका संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आचार्य महाश्रमण पूरे विश्व को यही संदेश दे रहे हैंए जिसे आत्मसात करना आज के समय की प्रासंगिकता है।
कर्नल राठौड़ ने कहा कि भारतीयता का विचार हमें एक दूसरे से बांधे हुए हैं। यह हमारी सामूहिक पहचान को भी दर्शाता है। भारतीयता का यही विचार हमें जोडक़र एकजुट रखता है। जिस राष्ट्र का विचार मजबूत होता हैए वो राष्ट्र भी मज़बूत होता है यह विचार हमारा धर्मए हमारे गुरुए हमारे शिक्षक हमें प्रदान करते हैं। लेकिन धर्म का मतलब किसी मजहब या जाति से नहीं, बल्कि कर्तव्य और कर्म से है। कर्म ही धर्म है और धर्म ही कर्म है। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि राष्ट्र निर्माण का विचार रखने वाले 100 युवा देश का समग्र विकास कर सकते हैं। आज देश को ऐसे ही विचार वाले युवाओं की जरूरत है, क्योंकि जिस देश को सही दिशा देने वाला धर्म हो, कर्तव्य परायणता वाले लोग हो और उच्च विचार वाले युवा मिल जाए वो देश कभी नहीं हार सकता। उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि नशा देश, समाज और परिवार को खोखला कर देता है। इसलिए युवाओं को नशे से बचने की जरूरत है। कर्नल राज्यवर्धन सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से युवाओ के विचारों का आदान-प्रदान होता है। इससे युवाओं को न केवल एक दूसरे को जानने और समझने का मौका मिलता है, बल्कि देश को एकजुट करने का भी अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया को मानवता और नैतिकता की सख्त आवश्यकता है। भारत यह संदेश पूरे विश्व को दे रहा है। उन्होंने कहा कि देश के प्रति युवाओं को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और धर्म के मूल सिद्धांतों और अपने गुरुजनों की प्रेरणा के साथ देश को मजबूत करने में योगदान देना होगा।

]]>
https://parishkarpatrika.com/colonel-rajyavardhan-singh-took-blessings-from-acharya-mahashraman-and-gave-the-message-of-morality-harmony-and-de-addiction-to-the-youth/feed/ 0
मोदी विश्वविद्यालय में रसायन विज्ञान वर्कशॉप- छात्राओं के प्रोजेक्ट्स में दिखा नवाचार https://parishkarpatrika.com/innovation-seen-in-the-projects-of-chemistry-workshop-students-in-modi-university/ https://parishkarpatrika.com/innovation-seen-in-the-projects-of-chemistry-workshop-students-in-modi-university/#respond Mon, 13 Apr 2026 04:59:16 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4791

शेखावाटी क्षेत्र की छात्राओं ने सामाजिक समस्याओं पर आधारित मॉडल किए प्रस्तुत, मोदी स्कूल प्रथम

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका लक्ष्मणगढ़ (सीकर)। मोदी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय]लक्ष्मणगढ़ में इंटरनेशनल स्टूडेंट चैप्टर ऑफ अमेरिकन केमिकल सोसायटी एवं रसायन विभाग]स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड साइंसेज के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय वर्कशॉप का आयोजन किया गया। “प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षण मॉडल के प्रतिस्पर्धात्मक लाइव डेमोंस्ट्रेशन” विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप 11 अप्रैल को विश्वविद्यालय परिसर में संपन्न हुई।

कार्यक्रम में शेखावाटी क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों की कक्षा 11वीं और 12वीं की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने “समाज की दीर्घकालिक समस्याएं और उनके रसायन विज्ञान आधारित समाधान ”विषय पर आधारित प्रोजेक्ट्स का लाइवप्रदर्शनकिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) आशुतोष भारद्वाज के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने छात्राओं को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक विशेषताओं से अवगत कराया। मुख्य अतिथि डॉ. अभिनीत वर्मा (एमएनआईटी]जयपुर) ने रसायन विज्ञान में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला।

वर्कशॉप में छात्राओं ने प्लास्टिक प्रदूषण] कॉस्मेटिक केमिकल्स के दुष्प्रभाव] फूड एडिटिव्स] नशे की लत]तंबाकू एवं शराब के दुष्प्रभाव जैसे विषयों पर अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। इसके अलावा रोबो कार]रडार सिस्टम]दाग हटाने की तकनीक और सोडियम एल्जिनेट जैसे प्रयोग भी आकर्षण का केंद्र रहे।

प्रतियोगिता में मोदी स्कूल]लक्ष्मणगढ़ ने प्रथम स्थान (₹7000 प्राप्त किया। वहीं, भारतीय पब्लिक स्कूल]सीकर की टीमों ने द्वितीय (₹5000 और तृतीय (₹3000 स्थान हासिल किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाना]प्रयोगात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करना तथा उन्हें उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान स्कूल आॅफ लिबरल आटर््स एंड साइंसेंज के डीन प्रो0 जितेन्द्र बिनवाल]प्रोफेसर आमलान दास]प्रो0 हरलाल सिंह सहित अन्य संकाय के f’kक्षकगण भी उपस्थित थे। वि’विद्यालय के पीआरओ डा0 राजीव सिंह ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन आगे भी जारी रहेंगे]जिससे छात्राओं को नवाचार और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर मिलता रहे।

]]>
https://parishkarpatrika.com/innovation-seen-in-the-projects-of-chemistry-workshop-students-in-modi-university/feed/ 0
समाज को दिशा देने में शिक्षक की भूमिका महत्वपूर्ण—शिक्षक का जीवन दूसरों के लिए आदर्श ऐसे में नैतिक मूल्य बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी-शिक्षा मंत्री https://parishkarpatrika.com/teachers-role-is-important-in-giving-direction-to-the-society-teachers-life-is-ideal-for-others-in-such-a-situation-it-is-their-responsibility-to-maintain-moral-values/ https://parishkarpatrika.com/teachers-role-is-important-in-giving-direction-to-the-society-teachers-life-is-ideal-for-others-in-such-a-situation-it-is-their-responsibility-to-maintain-moral-values/#respond Mon, 13 Apr 2026 03:42:22 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4775

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षक समाज को दिशा देने और व्यक्तित्व का निर्माण करने का कार्य करते हैं। सर्वश्रेष्ठ राजनेता, उद्योगपति, विधिवेत्ता, वैज्ञानिक के साथ ही श्रेष्ठ नागरिकों को तैयार करने का कार्य एक शिक्षक द्वारा किया जाता है। किसी भी व्यक्ति के लिए उसके जीवन एवं व्यक्तित्व को संवारने वाला शिक्षक सर्वाधिक सम्माननीय होता है। ऐसे में यह शिक्षकों का दायित्व है कि वे सुनिश्चित करें कि सर्वश्रेष्ठ नागरिक तैयार करने के इस पुनीत कार्य में किसी तरह की न्यूनता नहीं आए। हमारे विद्यालय सर्वश्रेष्ठ हों और शिक्षक के पद की गरिमा ऊंचाईयों पर पहुंचे यह सभी का प्रयास होना चाहिए।

दिलावर रविवार को कोटा जिले के सियाम ऑडिटोरियम में शिक्षा संवाद कार्यक्रम में कोटा एवं बूंदी जिलों के 627 प्रधानाचार्यों एवं शिक्षा अधिकारियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक का जीवन विद्यार्थियों एवं अन्य लोगों के लिए आदर्श होता है। दूसरे हमेशा उनसे सीखते हैं  ऐसे में सार्वजनिक जीवन में भी उन्हें नैतिकता के मापदंडों पर खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालय का मुखिया होता है ऐसे में उन्हें भी समय की पाबंद के ध्यान रखते हुए अपने व्यवहार और हाव-भाव से दूसरों को प्रेरणा देने वाला होना चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि विद्यालयों का संचालन करने वाले प्रधानाचार्यों से बात करने और उनके सुझाव आमंत्रित करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि कोई भी शिक्षक अपनी भूमिका अच्छे से निभाए तो उसे विद्यार्थियों द्वारा जीवन भर याद रखा जाता है। शिक्षक सिर्फ मानदेय या वेतन के लिए नहीं कार्य करने वाले कर्मचारी नहीं बल्कि समाज को दिशा देने वाली भूमिका से अपने आपको परखें।

पूर्व छात्रों को विद्यालय से जोड़ें—शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्यों को सुझाव दिया कि सभी अपने विद्यालय में पढ़ चुके पूर्व छात्रों की सूची बनाकर एलुमनाई मीट में उन्हें बुलाएं। उन्होंने कहा कि आपके विद्यालय से पढ़े हुए छात्र कहीं अच्छे राजनेता, प्रोफेसर, उद्योगपति, वैज्ञानिक एवं सफल बिजनेसमैन बन चुके होंगे। उन्हें एलुमनाई मीट में बुलाएं और मुझे पक्का विश्वास है कि वह आपके विद्यालय के भवन, कमरे, फर्नीचर, स्मार्ट क्लास रूम एवं अन्य सुविधाओं के लिए आगे बढ़कर सहयोग करेंगे क्योंकि उस विद्यालय में प्राप्त शिक्षा से ही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। उन्होंने स्थानीय स्तर पर भी भामाशाहों का सहयोग लेने के लिए कहा।

नशामुक्ति की दिशा में सहयोग दें— दिलावर ने कहा कि सभी विद्यालय नशा मुक्ति बने और विद्यालयों के आसपास के क्षेत्र में भी कोई गुटखा बीड़ी का सेवन नहीं करें इसके लिए सभी को जागरूक करें। उन्होंने कहा कि शराब पीने गुटखा खाने और तंबाकू खाने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार करें।

प्रवेश के समय बच्चों के अच्छे नाम सुझाएं— दिलावर ने कहा कि हाल ही में प्रवेशोत्सव मनाया गया जिसमें कई बच्चों के नाम स्कूलों में जोड़े गए हैं। प्रधानाचार्य इस बात पर जरूर ध्यान दें कि यदि किसी बच्चे का नाम सुनने में अच्छा नहीं लगे और भविष्य में उसे उससे उस बच्चे के मन में शर्मिंदगी का भाव आए, ऐसा लगने पर अभिभावकों को जरूर समझाएं कि बच्चे के लिए कोई अच्छा नाम चुनें।

3 हजार नामों की सूची भेजेंगे— दिलावर ने कहा कि राज्य सरकार ऐसे 3 हजार नाम की सूची विद्यालयों में उपलब्ध कराएगी जिनमें से अभिभावकों की सहमति से प्रवेश के समय अच्छे नाम चुने जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोई बच्चा बाद में भी अपना नाम बदलना चाहे तो दस्तावेजों में नाम बदलने के लिए प्रक्रिया में उसका सहयोग करें।

प्रार्थना सभा को रोचक और ज्ञानवर्धक बनाएं—शिक्षा मंत्री ने विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं को ज्ञानवर्धक और रोचक बनाने के लिए प्रधानाचार्यों से सुझाव आमंत्रित किए। इटावा ब्लाक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मुंगेना के प्रधानाचार्य बाबूलाल मीणा ने बताया कि उन्होंने शिक्षकों के सहयोग से गली-गली में जाकर ढोल बजाकर बच्चों को स्कूल में दाखिला करवाने लिए अभिभावकों को प्रेरित किया और उन्हें पीले चावल भी बांटे। परिणामस्वरूप पिछले वर्ष के मुकाबले अभी करीब 80 से अधिक बच्चे बढ़े हैं।

एआई आधारित अध्यापन के लिए ऐप बनाए—विद्यालयों में किए गए नवाचारों के बारे में शिक्षा मंत्री द्वारा पूछे जाने पर अर्जुनपुरा उच्च माध्यमिक विद्यालय, कोटा के भूगोल के व्याख्याता गजेंद्र गौतम ने बताया कि उन्होंने एआई आधारित चार ऐप विकसित किए हैं। इन ऐप पर चौटबोट की मदद से एएआई शिक्षक बच्चों को भूगोल विषय पढ़ा रहे हैं।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षक गजेंद्र गौतम को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया और निर्देश दिए कि विभागीय कार्यशाला में उन्हें बुलाकर डेमो दिलाया जाए ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले।

शारीरिक शिक्षक भी खेल के कालांश लें—खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने के उपायों के बारे में पूछने पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि अक्सर देखा जाता है विद्यालयों में शारीरिक शिक्षण सप्ताह में एक या दो बार ही बच्चों को खेल के मैदान में ले जाकर उन्हें गतिविधियां करवाते हैं। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था की जाएगी कि पीटीआई भी प्रतिदिन अन्य शिक्षकों की तरह अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों के खेल के पीरियड लेंगे ताकि सभी बच्चों को खेलो में भाग लेने का अवसर मिले और उनका शारीरिक विकास हो। उन्होंने कहा कि सभी कलक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि स्कूलों में खेल मैदान से अतिक्रमण हटाए जाएं और जहां खेल मैदान नहीं है वहां भूमि आवंटित की जाए।

बीएलओ का स्कूल आना अनिवार्य—शिक्षा मंत्री ने कहा कि राजस्थान में एसआईआर की प्रक्रिया करीब-करीब पूर्ण हो चुकी है ऐसे में जिला कलक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बीएलओ को अग्रिम आदेश तक पूरे दिन के लिए स्कूल में रहने के लिए रिलीव करें। उन्होंने कहा कि उपखंड कार्यालय और कलेक्ट्रेट कार्यालय में लगाए गए शिक्षकों को भी वापस स्कूलों में भेजने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसी कार्य से यदि इन कार्यालयों में शिक्षक को लगाया जाना है तो उसे जिला मुख्यालय के शहरी स्कूलों से ही लगाया जाए ना कि ब्लॉक स्तर के स्कूलों से। उन्होंने कहा कि बीएलओ की ड्यूटी में लगाए जाने वाले शिक्षकों को भी विद्यालय के आसपास के क्षेत्र में ही लगाया जाए ताकि वे कम से कम आधे दिन स्कूल में जाकर अध्यापन कार्य कर सकें। उन्होंने स्पष्ट किया की सिफारिश करवा कर सुविधाजनक जगह पर लगने की प्रवृति पर रोक लगाई जाएगी।

भामाशाह जिला शिक्षा अधिकारी का सम्मान—कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने शिक्षा मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक, कोटा श्री रामचरण मीणा को अपने पैतृक गांव मुंगेना के सीनियर सेकंडरी स्कूल में उनके परिवार द्वारा करीब सवा दो बीघा भूमि दान करने और आरओ एवं सोलर पैनल की स्थापना में 1 लाख 21 हजार रुपए के आर्थिक सहयोग के लिए मंच पर बुलाकर सम्मानित किया। उन्होंने अन्य को भी प्रेरणा लेते हुए विद्यालयों के विकास के लिए सहयोग करने की सीख लेने को कहा।

शिक्षा मंत्री ने प्रवेश उत्सव के दौरान किए गए नवाचारों के बारे में भी जानकारी ली।

मानवीय मूल्यों को स्वयं समझना होगा—कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बीकानेर तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर एवं यूजीसी की मूल्य समिति के अध्यक्ष श्री एच. डी. चारण ने कहा कि विद्यार्थियों को मानवीय मूल्यों की शिक्षा देना हम सभी की जिम्मेदारी है। शुरुआती शिक्षा के दौरान ही विद्यार्थियों को नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाकर आने वाली पीढ़ियों को भी संस्कारित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों, प्रधानाचार्य और समाज के हर जिम्मेदार व्यक्ति को पहले मानवीय मूल्यों को स्वयं समझना होगा फिर उन्हें बच्चों को समझाना होगा तभी उनका जीवन सार्थक बन पाएगा। उन्होंने कहा कि मानवीय मूल्यों की शिक्षा लागू करने के संदर्भ में सीबीईओ एवं पीएम श्री स्कूलों के प्राचार्यों के प्रशिक्षण आयोजित किए जा चुके हैं एवं अन्य को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।

शिक्षा मंत्री की अभिनव पहल—कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री के ओएसडी श्री सतीश गुप्ता ने कहा कि नीचे के स्तर तक जाकर सीधे प्रधानाचार्य से संवाद करने की शिक्षा मंत्री की  अभिनव पहल सराहनीय है। उन्होंने कहा कि इस बार 1 अप्रेल से नया सत्र शुरू होने के साथ ही किताबें विद्यार्थियों के पास पहुंच चुकी हैं। पिछले सत्र में डीपीसी के माध्यम से करीब 50,000 शिक्षकों के प्रमोशन किए गए थे। इस सत्र में भी डीपीसी जल्द करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि राजस्थान को शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचाइयों पर ले जाने की संकल्पना के साथ शिक्षा से संवाद समाधान और सकारात्मक परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

शिक्षा संवाद कार्यक्रम में कोटा एवं बूंदी जिले के करीब 627 प्रधानाचार्य, कार्यवाहक प्रधानाचार्य एवं जिला शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर दिए गए प्रस्तुतीकरण में दोनों जिलों में शैक्षिक परिदृश्य, विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्कूली बालिकाओं के लिए शुरू की गई सरकारी योजनाओं तथा वर्ष 2025-26 के बोर्ड परीक्षा परिणामों के बारे में जानकारी दी गई।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत में संयुक्त निदेशक कोटा संभाग आशा मांडावत ने शिक्षा मंत्री एवं अन्य का स्वागत करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। डॉ. राजश्री गोहटकर ने वंदे मातरम की प्रभावी प्रस्तुति दी। संगीत विद्यालय रामपुरा, कोटा की कत्थक गुरु बरखा जोशी के निर्देशन में केसरिया बालम आओ नी…पधारो म्हारे देश स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया। स्वामी की विवेकानंद विद्यालय की बालिकाओं ने भी प्रस्तुतियां दी। सभी को मंच पर बुलाकर उन्हें सम्मानित किया गया। मंच संचालन पुरुषोत्तम शर्मा ने किया।

]]>
https://parishkarpatrika.com/teachers-role-is-important-in-giving-direction-to-the-society-teachers-life-is-ideal-for-others-in-such-a-situation-it-is-their-responsibility-to-maintain-moral-values/feed/ 0
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों का हो रहा सर्वांगीण विकास https://parishkarpatrika.com/all-round-development-of-tribal-areas-is-taking-place-under-the-leadership-of-chief-minister-bhajanlal-sharma/ https://parishkarpatrika.com/all-round-development-of-tribal-areas-is-taking-place-under-the-leadership-of-chief-minister-bhajanlal-sharma/#respond Sat, 11 Apr 2026 05:36:04 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=4771

वनाधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड जारी करने के लिए चलाया जाएगा अभियान- महिला, युवा रोजगार एवं बालिका शिक्षा पर विशेष जोर

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजाति समाज के उत्थान के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास, आर्थिक स्वावलंबन और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में राजस्थान सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए बजट वर्ष 2026-27 में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की है। राज्य सरकार जनजातीय क्षेत्रों में किसान, महिला, युवा एवं बालिकाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के साथ ही अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मुख्यधारा से जोड़ने हेतु निरंतर प्रयासरत है।

वनाधिकार पट्टों का सुदृढ़ीकरण और ऋण सुविधा—

राज्य सरकार द्वारा जनजाति समाज को व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वनाधिकार पत्र जारी करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इन वनाधिकार पट्टों की राजस्व रिकॉर्ड में प्रविष्टि सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की इस पहल से जनजाति क्षेत्र के किसानों को उनकी भूमि पर पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा और वे बैंकों से सुगमतापूर्वक ऋण प्राप्त कर सकेंगे।

ग्रामदानी गांवों के किसानों को मिलेंगे खातेदारी अधिकार—

प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य जिलों डूंगरपुर और बांसवाड़ा के राजस्थान ग्रामदानी अधिनियम से शासित गांवों के किसानों के लिए सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। वर्तमान में इन किसानों के नाम राजस्व रिकॉर्ड में अंकित नहीं होने के कारण वे सरकारी लाभों से वंचित रहते हैं। बदली हुई आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ग्रामदानी अधिनियम में संशोधन कर इन गांवों के किसानों को खातेदारी अधिकार प्रदान करेगी, जिससे उन्हें बैंक ऋण और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि—

जनजाति क्षे़त्रों में कृषि को लाभप्रद बनाने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए भी सरकार अपनी प्रतिबद्धता दिखा रही है। कांगनी, कोदो, सांवा, कुटकी, चीना और रागी जैसे मिलेट्स की मांग को देखते हुए 100 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शनी आयोजित किए जाएंगे, जिससे एक हजार कृषक लाभान्वित होंगे। साथ ही फसल उत्पादन में वृद्धि के लिए 85 करोड़ रूपये के व्यय से 8 लाख 50 हजार जनजाति कृषकों को गुणवत्तापूर्ण बीज संकर मक्का बीज मिनीकिट उपलब्ध करवाये जायेंगे।

महिला सशक्तीकरण एवं बालिका शिक्षा—

सहरिया, खैरवा (बारां) और कथौड़ी (उदयपुर) जनजाति परिवारों के लिए सहायता प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया गया है। अब खाद्य सामग्री के स्थान पर पात्र परिवारों की महिला मुखिया को 1200 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में दिए जाएंगे। इस योजना पर 55 करोड़ रुपये व्यय कर लगभग 38 हजार परिवार लाभान्वित होंगे। वहीं बालिका शिक्षा को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, सिरोही जिले में जनजाति बालिकाओं के लिए नया छात्रावास खोला जाएगा।

युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर—

जनजाति युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा विशेष कदम उठाए गए हैं। स्वनिधि योजना अन्तर्गत उन्हें चिन्हित कर ऋण उपलब्ध करवाने हेतु विशेष अभियान चलाया जायेगा। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत आगामी वर्ष में 5 हजार युवाओं को अपना उद्यम स्थापित करने हेतु ब्याजमुक्त ऋण दिया जाएगा। साथ ही जनजातीय युवकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने आंवला, शहद, इमली और महुआ जैसे वन उपजों के मूल्य संवर्धन के लिए बांसवाड़ा और उदयपुर में लघु वन उपज प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

आधारभूत संरचना एवं तीर्थ विकास—

जनजाति समाज की आस्था स्थलों के विकास के लिए सरकार संकल्पबद्धता दिखा रही है। सलूम्बर के सोनार माता मंदिर, बांसवाड़ा (आनंदपुरी) के सलाकेश्वर महादेव मंदिर और उदयपुर (झाड़ोल) के रामकुण्डा महादेव मंदिर में सार्वजनिक सुविधाओं और विकास कार्य करवाए जाएंगे। साथ ही, डूंगरपुर के आसपुर क्षेत्र सहित विभिन्न आदिवासी बस्तियों में सड़कों, पुलियाओं और बरसाती नालों के निर्माण से बुनियादी ढांचे को मजबूती दी जाएगी।

]]>
https://parishkarpatrika.com/all-round-development-of-tribal-areas-is-taking-place-under-the-leadership-of-chief-minister-bhajanlal-sharma/feed/ 0