Ravi Parishkar – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com News Website Thu, 23 Jul 2026 16:08:51 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://parishkarpatrika.com/wp-content/uploads/2023/12/cropped-site-icon-32x32.png Ravi Parishkar – Parishkarpatrika https://parishkarpatrika.com 32 32 साइबर ठगी पर अंकुश के लिए राजस्थान पुलिस की बड़ी पहल—अब 1 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर ठगी में स्वतः दर्ज होगी ई-जीरो एफआईआर https://parishkarpatrika.com/big-initiative-of-rajasthan-police-to-curb-cyber-fraud-now-e-zero-fir-will-be-automatically-registered-in-case-of-cyber-fraud-of-rs-1-lakh-or-more/ https://parishkarpatrika.com/big-initiative-of-rajasthan-police-to-curb-cyber-fraud-now-e-zero-fir-will-be-automatically-registered-in-case-of-cyber-fraud-of-rs-1-lakh-or-more/#respond Thu, 23 Jul 2026 16:08:48 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5657

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने जारी किया आदेश, गुरुवार से नई व्यवस्था लागू

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। साइबर वित्तीय अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत महानिदेशक पुलिस राजस्थान राजीव कुमार शर्मा ने एक निर्णय लिया है कि अब 1 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत पर ई-जीरो एफआईआर (e-Zero FIR) स्वतः दर्ज होगी। यह नई व्यवस्था गुरुवार 23 जुलाई से पूरे राज्य में प्रभावी कर दी गई है। डीजीपी श्री शर्मा ने इस संबंध में राज्य के समस्त पुलिस अधीक्षकों व पुलिस आयुक्तों को संशोधित व्यवस्था के अनुरूप कार्यवाही करने के लिए एक परिपत्र जारी करते हुए विस्तृत दिशा—निर्देश जारी किए हैं। 

यह निर्णय भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देशों एवं साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि पीड़ितों को तत्काल कानूनी संरक्षण मिल सके और ठगी की राशि को शीघ्र फ्रीज कर अपराधियों तक तेजी से पहुंचा जा सके।

5 लाख से घटाकर 1 लाख रुपये की गई सीमा— एडीजी साइबर क्राइम वी.के.सिंह ने बताया कि इससे पहले राजस्थान में 5 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय ठगी के मामलों में ई-एफआईआर की व्यवस्था लागू थी। अब इसकी सीमा घटाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे अधिक संख्या में पीड़ितों को तत्काल कानूनी सहायता मिल सकेगी।

नई व्यवस्था के तहत I4C के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930) और सीसीटीएनएस प्रणाली को एकीकृत किया गया है। अब 1 लाख रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज होते ही संबंधित राज्य स्तरीय साइबर पुलिस स्टेशन में स्वतः ई-जीरो एफआईआर दर्ज हो जाएगी।

शिकायत मिलते ही तुरंत शुरू होगी कानूनी कार्रवाई— एडीजी साइबर क्राइम श्री सिंह ने बताया कि जारी आदेश के अनुसार ई-जीरो एफआईआर प्राप्त होते ही पुलिस बिना शिकायतकर्ता के हस्ताक्षर की प्रतीक्षा किए बैंक खातों को फ्रीज करने, संदिग्ध राशि होल्ड कराने, सीडीआर, आईपीडीआर, सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य डिजिटल साक्ष्य जुटाने जैसी आवश्यक कानूनी कार्रवाई तुरंत प्रारंभ करेगी, ताकि साइबर अपराधियों पर शीघ्र शिकंजा कसा जा सके। उन्होंने साइबर फ्रॉड पीड़ितों से आह्वान किया है कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार होते ही साइबर हेल्पलाइन 1930 पर जल्द से जल्द शिकायत करें ताकि उन्हें त्वरित राहत मिल सके। 

यह रहेगी प्रक्रिया — शिकायतकर्ता को ई-जीरो एफआईआर दर्ज होने के 72 घंटे के भीतर संबंधित पुलिस थाना पहुंचकर एफआईआर की मुद्रित प्रति पर हस्ताक्षर करने होंगे। यदि वह निर्धारित समय में उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे नोटिस जारी किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

नई व्यवस्था के अनुसार 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों का पंजीकरण एवं अनुसंधान राज्य स्तरीय साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, जयपुर द्वारा किया जाएगा। वहीं 1 लाख रुपये से 1 करोड़ रुपये तक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों का अनुसंधान संबंधित जिला साइबर पुलिस थाना अथवा स्थानीय पुलिस थाना, जिला पुलिस अधीक्षक/पुलिस उपायुक्त के निर्देशानुसार करेगा।

साइबर अपराधों के विरूद्ध महत्वपूर्ण कदम : डीजीपी

महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा ने कहा है कि आई4सी की तर्ज पर राज्य में आर4सी की स्थापना के साथ ही राजस्थान पुलिस साइबर अपराधों की रोकथाम, पीड़ितों को त्वरित राहत और अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई के लिए आधुनिक तकनीक एवं सुदृढ़ कानूनी व्यवस्था का लगातार विस्तार कर रही है। ई-जीरो एफआईआर की यह नई व्यवस्था साइबर अपराधों के विरुद्ध राजस्थान पुलिस की त्वरित, तकनीक आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।

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राजकीय छात्रावासों में कठिन विषयों की कोचिंग हेतु वर्ष 2026-27 में गेस्ट फैकल्टी के आवेदन आमंत्रित https://parishkarpatrika.com/applications-invited-from-guest-faculty-in-the-year-2026-27-for-coaching-of-difficult-subjects-in-government-hostels/ https://parishkarpatrika.com/applications-invited-from-guest-faculty-in-the-year-2026-27-for-coaching-of-difficult-subjects-in-government-hostels/#respond Thu, 23 Jul 2026 15:51:27 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5653

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर ग्रामीण के अंतर्गत संचालित राजकीय छात्रावासों में कक्षा 9 से 12 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान एवं अंग्रेज़ी जैसे कठिन विषयों की गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराने के लिए विद्या संबल योजना के तहत वर्ष 2026-27 हेतु गेस्ट फैकल्टी (अस्थायी) के आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

उपनिदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर ग्रामीण गौरव शर्मा ने बताया कि इच्छुक, अनुभवी एवं पात्र अभ्यर्थी, जो सेवा नियमों में निर्धारित योग्यता रखते हैं, 31 जुलाई 2026 तक आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। जयपुर ग्रामीण के प्रत्येक छात्रावास के लिए पृथक-पृथक आवेदन करना होगा।

उन्होंने बताया कि आवेदन पत्र संबंधित ब्लॉक सामाजिक सुरक्षा अधिकारी कार्यालय बस्सी, चाकसू, जमवारामगढ़, सांभरलेक, गोविंदगढ़, तूंगा, फागी, दूदू, कोटखावदा एवं शाहपुरा में जमा किए जा सकते हैं। आवेदन पत्र संबंधित ब्लॉक कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।

योजना, पात्रता, मानदेय, चयन प्रक्रिया एवं आवेदन संबंधी विस्तृत जानकारी विभागीय वेबसाइट https://sje.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध है। इच्छुक अभ्यर्थी अधिक जानकारी के लिए कार्यालय उपनिदेशक, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, जयपुर ग्रामीण से भी संपर्क कर सकते हैं।

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मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने कसी कमर—विभागों को सौंपी जिम्मेदारी, मलेरिया-डेंगू नियंत्रण के लिए अंतरविभागीय समन्वय के लिए जिला कलक्टर ने दिए निर्देश https://parishkarpatrika.com/jaipur-district-administration-tightens-its-belt-for-prevention-of-seasonal-diseases-handed-over-responsibility-to-departments-inter-department-for-malaria-dengue-control/ https://parishkarpatrika.com/jaipur-district-administration-tightens-its-belt-for-prevention-of-seasonal-diseases-handed-over-responsibility-to-departments-inter-department-for-malaria-dengue-control/#respond Thu, 23 Jul 2026 15:32:33 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5650

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाईफस एवं अन्य वायरसजनित मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में गुरुवार को अंतरविभागीय समन्वय हेतु कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित हुई। जिला कलक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन एवं संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सभी विभाग जनजागरूकता एवं मच्छररोधी गतिविधियों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य मच्छरों की संक्रमण श्रृंखला को तोड़कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना है। जिला कलक्टर ने पुलिस आयुक्त जयपुर व जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण को मौसमी बीमारियों से संबंधित चालान कार्यवाही में सहायता प्रदान करने, घर-घर सर्वे के दौरान अप्रिय घटनाओं को रोकने हेतु चिकित्सा विभाग की टीम का सहयोग करने तथा पुलिस थाना परिसर में मच्छर रोधी गतिविधियां करवाना सुनिश्चित करने की बात कही।

उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवासीय कॉलोनियों एवं मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट में नियमित रूप से एण्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन गतिविधियों हेतु एण्टोमोलॉजिस्ट एवं सुपरवाइजर को शामिल करते हुए आईईसी गतिविधियां सुनिश्चित करें। भवन निर्माण वाले स्थान पर एंटी लार्वा गतिविधियां करवाई जाएं, खाली भूखण्डों में ठहरे हुए पानी में एम.पी.एस.जी. डलवाएं तथा पार्कों में पत्तों, कचरे एवं अन्य जल स्रोतों पर नियमित एण्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन गतिविधियां करवाएं। कलेक्टर ने नगर निगम को नालियों की नियमित साफ-सफाई, नालियों एवं गड्ढों में फॉगिंग, शहरी क्षेत्र में पंपिंग करवाने, सड़कों के आसपास बने गड्ढों को भरवाने तथा घरों के बाहर रखी टंकियों एवं अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही होर्डिंग एवं बैनर के माध्यम से मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव संबंधी आईईसी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने जिला परिषद को ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाने, नालियों एवं जलभराव वाले स्थानों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा ग्राम स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों के माध्यम से आमजन को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को समस्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं के दौरान विद्यार्थियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता, मच्छरों से बचाव एवं जलजनित रोगों के संबंध में जागरूक करने, विद्यालय परिसरों में पानी का ठहराव नहीं होने देने, परिण्डे तीन दिवस में नियमित रूप से खाली करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार साफ-सफाई एवं एण्टीलार्वा गतिविधियां करने के निर्देश दिए।

जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग को समस्त चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां, जांच किट एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सर्विलांस गतिविधियों को सुदृढ़ करते हुए संदिग्ध रोगियों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही एण्टीलार्वा गतिविधियां, फॉगिंग, आईईसी गतिविधियां एवं घर-घर सर्वे नियमित रूप से करवाते हुए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने   सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को विभाग के संयुक्त निदेशक को संबंधित स्कूल व हॉस्टल्स में सोर्स रिडक्शन व एण्टीलार्वा गतिविधियां व मौसमी बीमारियों से रोकथाम व बचाव के लिए जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने पशुपालन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नर्सिंग कॉलेज, समग्र शिक्षा, एयरपोर्ट, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, पीडब्ल्यूडी, रेलवे व अन्य अधिकारियों को भी मच्छर रोधी गतिविधियों व साफ-सफाई तथा अन्य जरूरी कार्य करने,  प्रत्येक रविवार सूखा दिवस मनाने के लिये जन समुदाय को जागरूक करने, समस्त राजकीय व निजी कार्यालयों में शुक्रवार के दिन मच्छर रोधी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलक्टर ने आमजन से भी मच्छररोधी गतिविधियों हेतु घर— कॉलोनी  में और आस-पास साफ-सफाई रखने, खाली प्लाटों में कचरा न फेंकने, परिंडे और कूलर हर तीसरे दिन खाली व साफ करने, घरों में पानी की टंकियों को ढ़कने व वर्षा का पानी छतों पर जमा न होने देने की अपील भी की है। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर शहर (उत्तर) राजेन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत, उप मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. इन्दिरा भी उपस्थित थे।

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प्रदेश की महिलाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, संबल सखियों के माध्यम से साकार होगा विकसित राजस्थान 2047 का संकल्प- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा https://parishkarpatrika.com/making-the-women-of-the-state-educated-empowered-and-self-reliant-is-the-top-priority-of-the-state-government/ https://parishkarpatrika.com/making-the-women-of-the-state-educated-empowered-and-self-reliant-is-the-top-priority-of-the-state-government/#respond Thu, 23 Jul 2026 07:17:14 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5647

मुख्यमंत्री का संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स से संवाद, महिला सशक्तीकरण का जनआंदोलन बना संबल सखी अभियान,

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से तीन माह पहले शुरू किया गया संबल सखी अभियान आज महिला सशक्तीकरण का जनआंदोलन बन चुका है। संबल सखियों द्वारा राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाई जा रही है। 

मुख्यमंत्री बुधवार को मुख्यमंत्री निवास पर संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित राजस्थान 2047 का संकल्प संबल सखियों के समर्पण से ही साकार होगा। उन्होंने कहा कि सेवा शिविरों, वंदे गंगा अभियान में संबल सखियों ने योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

मुख्यमंत्री ने किया संबल सखियों से संवाद—

मुख्यमंत्री ने संबल सखियों से संवाद करते हुए उनके विचार जाने। संबल सखियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल पर उन्हें समाज के बीच जाकर सरकार की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने का मौका मिल रहा है। वास्तविक लाभार्थियों को पहुंच रहे लाभ से उनको प्रेरणा मिलती है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला उत्थान के लिए मिला यह अवसर उन्हें पूरी निष्ठा और तन्मयता के साथ निभाना चाहिए। साथ ही, योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने और समस्या के समाधान में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में चार प्रमुख जातियों किसान, मजदूर, महिला और युवा का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो रहा है। राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज, पर्याप्त सिंचाई जल, और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि उनकी आय और जीवन स्तर में सुधार हो सके। इसी प्रकार युवाओं को सशक्त बनाने के लिए हमारी सरकार रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवा रही है। प्रदेश में अब तक 1 लाख 78 हजार पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं तथा 1 लाख से अधिक पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। निजी क्षेत्र में भी साढ़े चार लाख युवाओं को रोजगार मिला है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने और अगली पीढ़ी के लिए मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हमारी डबल इंजन सरकार धरातल पर काम कर आमजन के जीवन को सुगम बना रही है। रोडमैप बनाकर पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिसका असर धरातल पर दिख रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य के इतिहास में पहली बार ऊर्जा प्रबंधन के क्षेत्र में एक नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ है। मई, जून और जुलाई के जिन महीनों में राज्य पूर्व में अन्य राज्यों से बिजली खरीदता था, वहीं इस बार राजस्थान ने न केवल अपनी जरूरतें पूरी की, बल्कि बिजली उत्पादन में सरप्लस उत्पादन कर अन्य राज्यों को भी बिजली बेचने का ऐतिहासिक कार्य किया है। साथ ही, सड़कों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण और नवीनीकरण के महत्वपूर्ण कार्य करवाए जा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री ने सेवा शिविरों की प्रभावशीलता का उल्लेख करते हुए बताया कि शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से वर्षों पुरानी जटिल समस्याओं का निस्तारण हुआ। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए शहरी एवं ग्रामीण सेवा शिविरों की अवधि को बढ़ाकर 31 अगस्त कर दिया गया है। इस दौरान विभिन्न विभागों की महिला अधिकारीगण सहित बड़ी संख्या में संबल सखी यंग प्रोफेशनल्स उपस्थित रहीं। 

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जयपुर मेट्रो बनेगी शहर की लाइफलाइन, फेज-2 से मिलेगी आवागमन की बेहतर कनेक्टिविटी- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा https://parishkarpatrika.com/jaipur-metro-will-become-the-lifeline-of-the-city-phase-2-will-provide-better-connectivity-chief-minister-bhajanlal-sharma/ https://parishkarpatrika.com/jaipur-metro-will-become-the-lifeline-of-the-city-phase-2-will-provide-better-connectivity-chief-minister-bhajanlal-sharma/#respond Thu, 23 Jul 2026 07:14:11 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5641

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर मेट्रो फेज-2 का किया भूमि पूजन-प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जयपुर को दी बड़ी सौगात, सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में किया पाइलिंग कार्य का शुभारंभ- खासाकोठी मेट्रो स्टेशन साइट का किया अवलोकन- परियोजना की कुल लागत 13 हजार 37 करोड़ रूपये से अधिक

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को सीतापुरा स्थित मेट्रो डिपो में जयपुर मेट्रो फेज-2 का विधिवत भूमि पूजन एवं शिला पूजन किया। साथ ही, उन्होंने पाइलिंग रिंग मशीन का पूजन कर पाइलिंग कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने लगभग 41 किमी लम्बे मेट्रो फेज-2 के माॅडल का भी अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री ने मानसरोवर से छोटी चौपड़ तक किया मेट्रो में सफर, यात्रियों ने कहा- जयपुर मेट्रो फेज-2 का बेसब्री से इन्तजार

मुख्यमंत्री ने मानसरोवर से छोटी चौपड़ तक मेट्रो में यात्रा की और बच्चों तथा महिलाओं से बातचीत कर उनके मेट्रो यात्रा के अनुभव जाने। यात्रियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे बेसब्री से जयपुर मेट्रो फेज-2 का इन्तजार कर रहे हैं। प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक की इस 41 किलोमीटर मेट्रो लाइन से अधिक से अधिक जयपुरवासियों को सुगम एवं सस्ते आवागमन की सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री इसके बाद इलेक्ट्रिक बस में बैठकर मेट्रो डिपो साइट से मानसरोवर मेट्रो स्टेशन पहुंचे। यहां उन्होंने विण्डो से टिकट लिया और छोटी चौपड़ तक मेट्रो में सफर किया। यात्रा के दौरान उन्होंने मेट्रो के काॅकपिट से फेज-2 के तहत खासाकोठी में बनने वाले इंटरचेंज मेट्रो स्टेशन की साइट का भी अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री छोटी चौपड़ मेट्रो स्टेशन पहुंचे, जहां उन्होंने आर्ट गैलेरी का अवलोकन किया। 

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जयपुर में मेट्रो विस्तार बेहद जरूरी था, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने जयपुर की जनता को फेज-2 की सौगात दी है। प्रधानमंत्री जिस कार्य का शिलान्यास करते हैं, उसका उद्घाटन भी करते हैं। वर्चुअल शिलान्यास के बाद 18 दिनों में ही सिविल कार्य की शुरूआत हो गई है। जल्द ही शहरवासियों को सुगम आवागमन के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। यह मेट्रो जयपुर की लाइफलाइन भी बनेगी। उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुरूप फेज-3 और फेज-4 का काम भी प्रारंभ किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि जयपुर मेट्रो फेज-2 के अन्तर्गत प्रहलादपुरा से टोडी मोड़ तक उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। यह काॅरिडोर सीतापुरा से लेकर वीकेआईए तक के औद्योगिक एवं आवासीय क्षेत्रों को जोड़ते हुए जयपुर की जीवनरेखा के रूप में कार्य करेगा। इस कॉरिडोर की कुल लागत 13 हजार 37 करोड़ रुपये से अधिक है। यह फेज-2 कॉरिडोर सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया, वीकेआईए, जयपुर एयरपोर्ट, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और स्टेडियम, कलेक्ट्रेट, रेलवे स्टेशन, अंबाबाड़ी तथा विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। इस परियोजना में एयरपोर्ट क्षेत्र में भूमिगत स्टेशन भी शामिल होगा, जिससे शहर में एकीकृत और निरंतर मेट्रो नेटवर्क सुनिश्चित होगा। परियोजना के फेज-2 के पहले पैकेज में 918 करोड़ से अधिक की लागत के कार्यों के लिए एलओए (स्वीकृति पत्र) जारी भी हो चुका है।

कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) झाबर सिंह खर्रा, विधायक कैलाश चन्द वर्मा, गोपाल शर्मा, बालमुकुन्दाचार्य, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, आरएमआरसीएल एमडी वैभव गालरिया सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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एससी-एसटी के विरूद्ध अपराध करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई, संवेदनशील मामलों की हो त्वरित जांच, समय पर न्याय हो सुनिश्चित – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा https://parishkarpatrika.com/strict-action-should-be-taken-against-those-who-commit-crimes-against-sc-st-sensitive-cases-should-be-investigated-promptly-justice-should-be-ensured-on-time-chief-minister/ https://parishkarpatrika.com/strict-action-should-be-taken-against-those-who-commit-crimes-against-sc-st-sensitive-cases-should-be-investigated-promptly-justice-should-be-ensured-on-time-chief-minister/#respond Tue, 21 Jul 2026 15:33:35 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5637

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय सतर्कता एवं माॅनिटरिंग समिति की बैठक आयोजित- अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता, 2 वर्षों में एससी-एसटी पर अत्याचार के मामलों में आई 28 प्रतिशत की कमी- 60 दिन के भीतर हो रहा 68 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण 

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को सुरक्षित एवं सम्मानपूर्वक जीवन जीने का वातावरण उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राज्य सरकार द्वारा गत ढाई वर्षों में उठाए गए कदमों के कारण अनुसूचित जाति और जनजातियों के विरुद्ध अत्याचार के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। वर्ष 2023 की तुलना में 2025 में ऐसे प्रकरणों में लगभग 28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक में कहा कि एससी-एसटी वर्ग के विरुद्ध अपराध करने वालों पर कठोरता से कार्रवाई की जाए और समाज में समरसता का वातावरण बनाने में सहयोग करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। 

प्रकरण निस्तारण का औसत समय 128 दिन से घटकर हुआ 53 दिन

वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार के दर्ज प्रकरणों में 15.88 प्रतिशत तथा वर्ष 2025 के पहले 6 माह की तुलना में वर्ष 2026 में 15.49 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2023 में अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों में से 35.16 प्रतिशत का निस्तारण 60 दिन में किया जा रहा था, जो 2025 में बढ़कर लगभग 47 प्रतिशत और जुलाई, 2026 तक 67.88 प्रतिशत हो गया है। वहीं, प्रकरणों के निस्तारण का औसत समय 128 दिन से घटकर 53 दिन रह गया है। एफआर लगे प्रकरणों में अब 10 प्रतिशत के स्थान पर 20 प्रतिशत का रैंडम सत्यापन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो एससी-एसटी वर्ग पर अत्याचार के मामलों में कमी आई है, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के 60 दिवस की निर्धारित अवधि में निस्तारण में भी पहले की तुलना में काफी तेजी आई है। लगभग 68 प्रतिशत प्रकरणों का निस्तारण 60 दिन के भीतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के 45 पुलिस जिलों में एससी-एसटी सेल स्थापित किए जा चुके हैं एवं शेष 6 पुलिस जिलों में भी एससी-एसटी सेल शीघ्र स्थापित होंगे। उन्होंने अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध होने वाले अपराधों में दोष सिद्धि की दर में और अधिक सुधार के लिए पुलिस और अभियोजन विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सामाजिक समरसता और मेलजोल बढ़ाने के लिए जिला और उपखंड स्तरीय निगरानी एवं सतर्कता समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाएं और वर्ष में दो बार पंचायत स्तर पर भी इन बैठकों का आयोजन किया जाए।

पीड़ितों को समय पर मुहैया करवाई जाए आर्थिक सहायता – उन्होंने निर्देश दिए कि दर्ज प्रकरणों की सतत निगरानी की जाए तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही, संवेदनशील मामलों की जांच पूरी गंभीरता और त्वरित गति से हो। एफआईआर दर्ज होने से लेकर न्यायालय में अंतिम निस्तारण तक पीड़ितों को अधिनियम के तहत देय आर्थिक सहायता भी समय पर उपलब्ध करवाई जाए।

बैठक में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, पीड़ितों को सहायता, लंबित प्रकरणों के निस्तारण तथा कानून की सख्त एवं समयबद्ध अनुपालना पर चर्चा हुई। अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत राज्य सरकार द्वारा की गई कार्यवाही, दर्ज एफआईआर, अनुसंधान की अवधि, चालान प्रस्तुत करने की समयसीमा तथा पीड़ित परिवारों को प्रदान की जाने वाली आर्थिक सहायता की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान एफआईआर एवं चालान स्तर पर पिछले तीन वर्षों में वितरित आर्थिक सहायता, सहायता पोर्टल की प्रगति तथा लंबित मामलों की समीक्षा भी की गई। 

लंबित प्रकरणों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण हो सुनिश्चित – मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सहायता संबंधी लंबित प्रकरणों की थाना एवं जिला स्तर पर नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके। इस दौरान संस्थागत शिकायत निवारण प्रणाली के अंतर्गत हेल्पलाइन, हेल्पडेस्क एवं पोर्टलों पर प्राप्त शिकायतों की रियल टाइम मॉनिटरिंग तथा त्वरित समाधान की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता तथा अभियोजन विभाग के सभी अधिकारी आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के लोगों के न्याय, सुरक्षा और अधिकारों का प्रभावी संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

बैठक में उपमुख्यमंत्री डाॅ. प्रेमचंद बैरवा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, राज्य स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के सदस्य जोगेश्वर गर्ग, फूल सिंह मीणा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा सहित राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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खेल, कौशल विकास और रोजगार से जोड़ने के लिएयुवा सुयोग बनेगा बदलाव का माध्यम,पंचायत और वार्डों में विकसित होगा युवा नेतृत्व – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा https://parishkarpatrika.com/youth-suyog-will-become-a-medium-of-change-to-link-sports-skills-development-and-employment-youth-leadership-will-be-developed-in-panchayat-and-wards-chief-minister/ https://parishkarpatrika.com/youth-suyog-will-become-a-medium-of-change-to-link-sports-skills-development-and-employment-youth-leadership-will-be-developed-in-panchayat-and-wards-chief-minister/#respond Tue, 21 Jul 2026 15:29:51 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5632

मुख्यमंत्री युवा सुयोग का शुभारंभ कार्यक्रम —खेल-खेल में राष्ट्र निर्माण से जुड़ेंगे राजस्थान के युवा, युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने की क्रांतिकारी पहल,- बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से हुई शुरूआत- युवाओं ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खेल-खेल में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, खेल और कौशल विकास से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास पर मुख्यमंत्री युवा सुयोग का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए युवा सुयोग प्लेटफॉर्म एक सही दिशा, सही अवसर और सही मंच उपलब्ध कराएगा। क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे सामूहिक खेलों के माध्यम से प्रदेश की प्रत्येक पंचायत और वार्ड में युवा नेतृत्व विकसित होगा और वे अपनी प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 65 प्रतिशत युवा आबादी के साथ हमारा देश विश्व का सबसे युवा देश है। यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने युवा शक्ति को राष्ट्र-निर्माण में सक्रिय सहभागी बनाने के लिए माय भारत की अभिनव पहल की है। इसी से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार ने सुयोग प्लेटफार्म जैसी क्रांतिकारी शुरूआत की है। इस प्लेटफॉर्म को माय भारत पोर्टल के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि युवा को इसका अधिक से अधिक लाभ मिल सके। 

मुख्यमंत्री ने किया खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद —

मुख्यमंत्री ने बारां और बगरू के खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद करते हुए उनके विचार जाने। युवाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री की इस पहल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच मिलेगा। साथ ही, युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर भी सुलभ होंगे। इस पर मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में स्वास्थ्य जागरूकता के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय प्रतिभाएं खेल के मैदान में देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी।

पहली से लेकर अंतिम सीढ़ी तक युवाओं का सहयोग कर रही राज्य सरकार —

उन्होंने कहा कि युवाओं को खेलने का मौका मिलता रहे और उनकी रूचि विकसित हो, इसके लिए राज्य सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। गांव से लेकर कस्बों तक खेल सुविधाओं एवं सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार युवाओं से विभिन्न विषयों पर संवाद कर उनके सुझावों को बजट में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र में कार्य करते हुए युवाओं को सफलता की पहली से लेकर अंतिम सीढ़ी तक की यात्रा में पूर्ण सहयोग कर रही है।

युवाओं की निखरेगी प्रतिभा, खेल मैदानों की होगी डिजिटल पहचान —

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि युवाओं के सुझावों के मुख्य आधार पर ही खेल की नीतियां तैयार की जाए। इसी क्रम में युवा सुयोग के अंतर्गत राज्य सरकार जमीनी स्तर पर प्रतियोगिताओं की शुरूआत करेगी। वार्ड और पंचायत स्तर से आगे बढ़कर विजेता टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अपना हुनर दिखाएंगी और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। युवा इसके लिए सुयोग पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए स्कूल, कॉलेज तथा पंचायत और वार्ड के खेल मैदानों की डिजिटल पहचान भी की जाएगी। 

जिला स्तरीय सुयोग युवा क्लब बनेंगे, पंचायत-वार्ड क्लबों से जुड़ेंगे

उन्होंने कहा कि सुयोग प्लेटफार्म एक डिजिटल क्रांति है जो प्रदेश के हर गांव, हर वार्ड के अंतिम पंक्ति के युवाओं की ट्रैकिंग कर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ेगी। इसके माध्यम से बड़ा सामाजिक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर सुयोग युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सुयोग प्लेटफॉर्म पर पंजीकृत प्रत्येक युवा सदस्य होगा। ये जिला क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़ेंगे। प्रारंभिक रूप से बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरूआत जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा सुयोग के अंतर्गत स्कूलों, कॉलेजों और सामुदायिक केंद्रों पर विशेष पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। युवाओं की नेतृत्व क्षमता को परखने के लिए स्वच्छता अभियान और डिजिटल साक्षरता जैसे स्वयंसेवक कार्य शिविर भी आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सुयोग-चर्चा के तहत युवा संवाद, टॉक शो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रख सकेंगे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं को सक्षम और सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय किए हैं। गत ढाई वर्षों में युवाओं को लगभग 1 लाख 78 हजार से अधिक सरकारी पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। करीब 1 लाख पदों पर भर्ती की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है और सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। साढ़े चार लाख युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार प्रदान किया गया है। वहीं, इस दौरान एक भी पेपर लीक नहीं हुआ और सभी भर्ती परिक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गई। 

उन्होंने कहा कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य कौशल नीति-2025 और राजस्थान युवा नीति-2025 लाई गई है। इसी प्रकार साढ़े तीन लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत 4 लाख से अधिक आशार्थियों को 1 हजार 347 करोड़ रुपये की राशि एवं साढ़े चार हजार से अधिक स्टार्टअप्स का पंजीकरण सहित कई परिणामोन्मुखी निर्णय किए गए हैं।

बगरू विधायक डॉ. कैलाश वर्मा ने कहा कि अनुशासित युवा विकसित राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद है। युवा हितों की दिशा में युवा सुयोग अनुपम पहल है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि युवा सुयोग महज एक खेल योजना नहीं है, बल्कि खेल प्रतिभाओं को प्रभावी मंच उपलब्ध करवाने का माध्यम है, जो कि स्थानीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं को तलाशेगा और तराशेगा। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, विधि एवं न्याय मंत्री जोगाराम पटेल, विधायक गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, युवा मामले एवं खेल प्रवीण गुप्ता सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। वहीं, बारां विधायक ललित मीणा के नेतृत्व में स्थानीय युवा तथा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों से युवा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

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जापान में राजस्थान पर्यटन सेक्टर प्रमोशन के लिए शानदार प्रस्तुति https://parishkarpatrika.com/great-presentation-for-rajasthan-tourism-sector-promotion-in-japan/ https://parishkarpatrika.com/great-presentation-for-rajasthan-tourism-sector-promotion-in-japan/#respond Tue, 21 Jul 2026 15:12:38 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5628

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर।  होटल फेडरेशन ऑफ़ राजस्थान के अध्यक्ष हुसैन खान ने बताया की जापान के टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में आयोजित “Royal Rajasthan: Celebrating India’s Heritage, Culture & Tourism” कार्यक्रम में राजस्थान ने अपनी समृद्ध विरासत, विविध पर्यटन आकर्षणों और सांस्कृतिक वैभव का भव्य प्रदर्शन किया। इस आयोजन ने भारत और जापान के बीच पर्यटन संबंधों को और अधिक सुदृढ़ किया। इस कार्यक्रम में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान (HFR) के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष हुसैन खान एवं सचिव रणविजय सिंह के नेतृत्व में सहभागिता की। साथ ही होटल एसोसिएशन ऑफ जयपुर के अध्यक्ष दिलीप तिवारी जी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे, राजस्थान को वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में आगे बढ़ाने के लिए आतिथ्य उद्योग की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

कार्यक्रम का शुभारंभ जापान में भारत की राजदूत नगमा मोहम्मद मलिक के उद्घाटन संबोधन से हुआ। तत्पश्चात राजस्थान की माननीय उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने मुख्य वक्ता के रूप में संदेश प्रसारित किया गया। राजस्थान पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी ने राजस्थान पर्यटन कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रस्तुति दी, जबकि विभाग के अधिकारी एवं राजस्थान के पर्यटन उद्योग से जुड़े प्रतिनिधि भी वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए।
भारतीय दूतावास द्वारा आमंत्रित जापान के प्रमुख ट्रैवल एजेंट्स, जो राजस्थान पर्यटन को सक्रिय रूप से बढ़ावा देते हैं, ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य अधिक से अधिक जापानी पर्यटकों को राजस्थान आने के लिए प्रेरित करना था।

इस पहल के माध्यम से राजस्थान की अनूठी पर्यटन संभावनाओं, ऐतिहासिक धरोहर, जीवंत संस्कृति और विश्वविख्यात आतिथ्य परंपरा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिससे राजस्थान की पहचान एक विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में और अधिक मजबूत किया जा सके।
इस अवसर पर राजस्थान पर्यटन विभाग के सीनियर एडिशनल डायरेक्टर आनंद कुमार त्रिपाठी, एडिशनल डायरेक्टर राजेश शर्मा,’ डिप्टी डायरेक्टर उपेंद्र सिंह शेखावत एवं नवल बसवाल, जॉइंट डायरेक्टर अजय कुमार शर्मा एवं बजरंग लाल शर्मा के अलावा एफअचटीआर, एचआरएआर, एडीटीओआई के सदस्य भी उपस्थित रहे!

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उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक सम्पन्न, विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों एवं चिकित्सालयों के नामकरण प्रस्तावों पर निर्णय https://parishkarpatrika.com/cabinet-sub-committee-meeting-held-under-the-chairmanship-of-deputy-chief-minister-dr-premchand-bairwa-various-government-colleges-and-hospitals/ https://parishkarpatrika.com/cabinet-sub-committee-meeting-held-under-the-chairmanship-of-deputy-chief-minister-dr-premchand-bairwa-various-government-colleges-and-hospitals/#respond Tue, 21 Jul 2026 14:47:09 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5624

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। उप मुख्यमंत्री एवं मंत्रिमण्डलीय उपसमिति के संयोजक डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में राजकीय महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों के नामकरण संबंधी प्रस्तावों पर विचार एवं निर्णयार्थ मंत्रिमण्डलीय उपसमिति की बैठक मंगलवार को शासन सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक में कार्यसूची में शामिल विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श करते हुए निर्णय लिए गए।

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह, विद्यालय शिक्षा मंत्री मदन दिलावर तथा जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी सहित अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं उपसमिति के सदस्य सचिव कुलदीप रांका, प्रमुख शासन सचिव नवीन जैन, प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों एवं चिकित्सा संस्थानों का नामकरण ऐतिहासिक महापुरुषों, स्वतंत्रता सेनानियों  के सम्मान में किया जाएगा। साथ ही, जिन संस्थानों के लिए दानदाताओं का योगदान रहा है, उनमें ‘राजकीय’ शब्द के बाद दानदाता का नाम जोड़ा जाएगा।

उपसमिति ने चिकित्सा महाविद्यालय, हनुमानगढ़ का नाम परिवर्तित कर “बलिदानी योद्धा मेजर विकास भाम्भू राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, हनुमानगढ़” करने का निर्णय लिया। चिकित्सा महाविद्यालय, श्रीगंगानगर के लिए “महाराजा गंगा सिंह राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, श्रीगंगानगर किया गया। इसी प्रकार चिकित्सा महाविद्यालय, पाली का नाम “महाराणा प्रताप राजकीय मेडिकल कॉलेज, पाली” तथा चिकित्सा महाविद्यालय, अलवर का नाम “भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी राजकीय मेडिकल कॉलेज, अलवर” किए जाने का निर्णय लिया गया।

बैठक में राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय, कोटड़ा (जिला अजमेर) का नामकरण “पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय सैटेलाइट चिकित्सालय, कोटड़ा, जिला अजमेर” करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त राजकीय कन्या महाविद्यालय, छबड़ा (जिला बारां) का नाम परिवर्तित कर “राजकीय चन्द्रकांता कस्तूरचंद स्वर्णकार कन्या महाविद्यालय, छबड़ा” किए जाने का निर्णय भी उपसमिति द्वारा लिया गया। बैठक में लिए गए निर्णयों के अनुरूप संबंधित विभागों द्वारा आगामी आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

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मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य भवन में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा की, हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की मॉनिटरिंग और डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था होगी और मजबूत, पिछले 24 घंटे में सभी हाई रिस्क प्रसव सुरक्षित https://parishkarpatrika.com/chief-secretary-conducted-high-level-review-of-safe-maternity-services-in-swasthya-bhavan-monitoring-and-digitization-of-high-risk-pregnant-women/ https://parishkarpatrika.com/chief-secretary-conducted-high-level-review-of-safe-maternity-services-in-swasthya-bhavan-monitoring-and-digitization-of-high-risk-pregnant-women/#respond Tue, 21 Jul 2026 14:43:10 +0000 https://parishkarpatrika.com/?p=5618

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। प्रदेश में सुरक्षित मातृत्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा गर्भवती महिलाओं के रेफरल प्रबंधन को डिजीटल माध्यम से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने मंगलवार को स्वास्थ्य भवन में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं, हाई रिस्क गर्भवतियों की निगरानी, रेफरल प्रबंधन, डिजिटल ट्रैकिंग तथा प्रसव सुविधा वाले राजकीय अस्पतालों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने पिछले 24 घंटे में प्रदेश के विभिन्न राजकीय चिकित्सालयों में हुए सभी सिजेरियन प्रसव तथा हाई रिस्क गर्भवतियों की स्थिति की अधिकारियों एवं फील्ड स्वास्थ्यकर्मियों से सीधे जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि इस अवधि में सभी प्रसव सुरक्षित रहे। इस पर उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम तथा फील्ड स्तर पर कार्यरत स्वास्थ्यकर्मियों को भर्ती सभी प्रसूताओं की सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने जयपुर, चूरू, झुंझूनूं जिलों की एएनएम से भी सीधे संवाद किया। उन्होंने हाई रिस्क गर्भवतियों के नियमित फॉलोअप, संभावित प्रसव तिथि की निगरानी, समय पर चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित रेफरल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने आर.एन.टी. मेडिकल कॉलेज द्वारा विकसित ‘सेतु डिजिटल इमरजेंसी हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर’ की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से इसी प्रकार का एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों एवं अन्य फील्ड स्वास्थ्यकर्मियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे गर्भवती महिलाओं की रियल टाइम ट्रैकिंग तथा रेफरल प्रबंधन और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

उन्होंने राजस्थान मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमएससीएल) से अस्पतालों में दवाइयों एवं चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता तथा इन्वेंटरी प्रबंधन की समीक्षा की। साथ ही माइक्रोबायोलॉजी सेवाओं के लिए मानकीकृत प्रोटोकॉल तैयार कर रिकॉर्ड ऑफ प्रोसीजर (आरओपी) जारी करने के निर्देश दिए, ताकि सभी संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण एवं एकरूप सेवाएं सुनिश्चित हो सकें।

मुख्य सचिव ने सुरक्षित मातृत्व सेवाओं से जुड़ी सूचनाओं एवं प्रसव संबंधी मामलों की त्वरित मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर पर समर्पित कंट्रोल रूम स्थापित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे प्रत्येक प्रसूता की स्थिति पर राज्य स्तर से सतत निगरानी रखी जा सकेगी तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित निर्णय संभव होंगे।

प्रमुख शासन सचिव, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने अधिकारियों को इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य से लेकर फील्ड स्तर तक प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा जारी रखने तथा प्रत्येक गर्भवती महिला एवं प्रसूता से संबंधित स्वास्थ्य आंकड़ों का नियमित संकलन, विश्लेषण एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

बैठक में मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम, आयुक्त चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, प्रबंध निदेशक आरएमएससीएल पुखराज सैन, प्राचार्य एसएमएस मेडिकल कॉलेज डॉ. दीपक माहेश्वरी, निदेशक जनस्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, अतिरिक्त मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. टी. शुभमंगला, निदेशक आरसीएच डॉ. मधु रतेश्वर सहित वरिष्ठ अधिकारी, सभी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं विशेषज्ञ, संभागीय संयुक्त निदेशक, सीएमएचओ, पीएमओ, बीसीएमओ तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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