
समर्पण संस्था द्वारा शिक्षा दान का महत्व विषय पर व्याख्यान व बैठक आयोजित
परिष्कार पत्रिका जयपुर। शिक्षा जीवन को रोशन करती है। सभी को शिक्षा देना सत्ता, शासन व समाज की जिम्मेदारी है। किसी व्यक्ति की शिक्षा के लिए किया दान सर्वश्रेष्ठ है। उक्त विचार समर्पण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलतराम माल्या ने वस्त्र बैंक परिसर, श्रीकल्याण नगर करतारपुरा में शिक्षा दान का महत्व विषय पर आयोजित व्याख्यान में व्यक्त किये। डॉ माल्या ने अपने व्याख्यान में पीपीटी प्रजेन्टेशन द्वारा बताया कि शिक्षा उस सूर्य के समान है जिससे हमें स्वयं के साथ परिवार, समाज व पूरी दुनिया को फायदा मिलता है। शिक्षा से ही हम जीवन की दशा व दिशा बदल सकते है। उन्होंने कहा कि शिक्षा दान दुनिया में शांति, समृद्धि व सतत विकास आधार है। यह समाज व विश्व कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। शिक्षादान से बढ़कर कोई दान नहीं है। अन्न, वस्त्र, औषधि, धन, भोजन आदि के दान एक न एक दिन खत्म हो जाते है। लेकिन शिक्षा का दान कभी खत्म नहीं होता है वह आजीवन साथ रहता है। डॉ. माल्या ने समर्पण संस्था द्वारा निर्धन विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए किये जा रहे नवाचार एज्यूकेशनल एम्बेसेडर अभियान के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि संस्था द्वारा आर्थिक सम्पन्न व्यक्ति जो पे बैक टू सोसायटी की भावना रखते हैं।
उन्हें एक निर्धन विद्यार्थी की शिक्षा की जिम्मेदारी देकर एज्युकेशनल ब्रांड एम्बेसेडर/ एज्युकेशनल एम्बेसेडर/ एज्युकेशनल एसोशिएट नियुक्त किये जा रहे है। शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए 30अप्रैल तक आवेदन आमंत्रित किये गये है। इसके साथ ही जरूरतमंद विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी नियमित चल रही है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे संस्था के प्रधान मुख्य सलाहकार व पूर्व प्रधान आयकर आयुक्त अनिल कुमार जैन ने कहा कि सेवा हमारे जीवन में सकारात्मक भाव पैदा करती है। जरूरतमंद को शिक्षा देना महान कार्य है। इस अवसर पर संस्था के नवनियुक्त प्रधान मुख्य संरक्षक व वरिष्ठ समाजसेवी प्रमोद कुमार चैरडिया जैन ने भी अपने विचार व्यक्त किये। बैठक मे 10 वाँ शैक्षिक सहयोग व एज्यूकेशनल एम्बेसेडर अधिवेशन शिक्षा दान महोत्सव के रूप में 7 जूलाई को आयोजित करने का निर्णय लिया गया।