मुख्यमंत्री का प्रतापगढ़ दौरा-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उदयपुर संभाग को बड़ी सौगातें, 924 करोड़ के विकास कार्यों का किया शिलान्यास-लोकार्पण

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गांवों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए काम कर रही राज्य सरकार,पानी और बिजली की महत्वपूर्ण परियोजनाओं से लाभान्वित होगीग्रामीण आबादी,जनजातीय विरासत होगी संरक्षित, वन उत्पादों को मिलेगा प्रोत्साहन और बाजार – मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा – मुख्यमंत्री की मौजूदगी में वन उत्पादों के विपणन एवं बिक्री के लिए राजससंघ और कॉनफैड के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान, ‘वनगिरि’ के प्रथम शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ को किया लाॅन्च- मुख्यमंत्री ने दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर प्रदेश की खुशहाली के लिए कामना की

ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जनजातीय कला एवं समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएं प्रदेश की विशिष्ट पहचान और बड़ी ताकत हैं। राज्य सरकार इस जनजातीय विरासत को संरक्षित करने के साथ ही स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी कड़ी में राजससंघ और कॉनफैड के माध्यम से जनजातीय भाई-बहनों को उनके उत्पादों का सही मूल्य, बेहतर बाजार और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध होंगे। 

मुख्यमंत्री शनिवार को प्रतापगढ़ में उदयपुर संभाग के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बम्बोरी में ग्राम विकास चैपाल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे उन्हें स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों की आवश्यकताओं पर ग्रामीणों से चर्चा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार गांवों में पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, चिकित्सा सहित रोजगार व आजीविका के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है। 

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने जनजाति क्षेत्र में जनसुविधाओं से जुड़े 256 करोड़ रुपये से अधिक राशि के 423 कार्य जनता को समर्पित किए हैं। बिजली आपूर्ति के लिए 87 करोड़ रुपये के 14 कार्यों, पेयजल और सिंचाई से जुड़े 75 करोड़ रुपये से अधिक के 15 कार्यों, सड़कों से संबंधित 22 करोड़ रुपये के 7 कार्यों, स्कूलों के लिए 9 करोड़ रुपये से अधिक के 19 कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य, कौशल विकास, प्राकृतिक चिकित्सा, पर्यावरण संरक्षण, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, छात्रावास, जनजातीय विकास, विद्यालय निर्माण आदि से संबंधित विभिन्न कार्यों का लोकार्पण किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी तरह 668 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 1 हजार 29 कार्यों का शिलान्यास किया गया है। सुगम सड़कों के लिए 429 करोड़ रुपये के 299 कार्यों, ग्रामीण विकास के 73 करोड़ रुपये के 562 कार्यों, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 71 करोड़ रुपये के 6 महत्वपूर्ण कार्यों सहित विभिन्न कार्यों की शुरुआत की गई है। 

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देशभर में आदिवासी कल्याण सुनिश्चित हो रहा है। 24 हजार करोड़ रुपये की पीएम-जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से 60 हजार से अधिक आदिवासी गांवों में पक्के मकान, बिजली, साफ पानी, स्वास्थ्य और सड़कों की गारंटी दी जा रही है। वहीं, देशभर में आदिवासी बच्चों के लिए सैकड़ों एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल तथा निशुल्क हॉस्टल सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से राज्य में भी जनजाति क्षेत्र के विकास के लिए अनेक कदम उठाए गए हैं। मां-बाडी केंद्रों में कार्यरत शिक्षाकर्मी, महिला सहयोगिनी, स्वच्छता एवं स्वास्थ्यकर्मी के मानदेय में बढ़ोतरी, 8 जिलों में 530 वनधन विकास केंद्रों का गठन तथा उदयपुर में अत्याधुनिक कौशल विकास केंद्र का निर्माण करवाया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के मैस भत्ते को बढ़ाकर 3,250 रुपये प्रतिमाह किया है। 250 नए मां बाड़ी केंद्र खोलने के आदेश जारी किए हैं तथा आदि कर्मयोगी अभियान के तहत 5,947 केंद्रों का उद्घाटन किया गया है। 

उन्होंने कहा कि जनजाति कृषकों को 2 लाख 36 हजार मिनिकिट तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर राजस्थान दलित, आदिवासी उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत 925 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया गया है। उन्होंने कहा कि जनजाति कला के लिए सौंध माटी आदी धरोहर प्रलेखन योजना की शुरूआत करने के साथ ही आदि गौरव सम्मान के लिए पहला समारोह मानगढ़ धाम तथा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर बांसवाड़ा में नवादि युगधारा प्रणेता समागम आयोजित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने ढाई वर्ष से अधिक के कार्यकाल में 1 लाख 90 हजार पदों पर नियुक्तियां दी हैं। 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रियाधीन है। वहीं, वर्ष 2026 में सवा लाख पदों के लिए भर्ती कैलेण्डर जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर पर युवाओं को अटल ज्ञान केन्द्रों के जरिये ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इसी प्रकार पानी की उपलब्धता के लिए विभिन्न राज्यों के साथ रामजल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल और नर्मदा व किशाऊ परियोजना के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। साथ ही, वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के दिशा में कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने दी विकास कार्यों की सौगातें-

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में उदयपुर संभाग के 7 जिलों में 924 करोड़ रुपये से अधिक के 1,452 विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। इन विकास कार्यों में 668 करोड़ रुपये के  1,029 विकास कार्यों का शिलान्यास तथा 256 करोड रुपये के 423 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं। उदयपुर जिले में 166.80 करोड रुपये के 526 कार्य, डूंगरपुर में 189.85 करोड़ रुपये के 105 कार्य, चित्तौड़गढ़ में 164.57 करोड़ रुपये के 88 कार्य, बांसवाड़ा में 89.68 करोड़ रुपये के 77 कार्य, प्रतापगढ़ में 109.77 करोड़ रुपये के 436 कार्य, राजसमंद में 108.50 करोड रुपये के 130 कार्य तथा सलूंबर में 95.05 करोड़ रुपये के 90 कार्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री की पहल पर वन उत्पादों के विपणन को मिला प्रोत्साहन-

समारोह में मुख्यमंत्री ने राजस्थान जनजाति क्षेत्रीय विकास सहकारी संघ लिमिटेड (राजससंघ) द्वारा जनजातीय क्षेत्र की लघु वन उपज के संग्रहण, मूल्य संवर्धन और विपणन को प्रोत्साहित करने के लिए ‘वनगिरि’ ब्राण्ड के प्रथम शहद उत्पाद ‘आदिपराग’ (वाइल्ड फाॅरेस्ट हनी) को लाॅन्च किया। साथ ही, प्रदेश के वन धन विकास केन्द्रों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को बढ़ावा देने के लिए राजससंघ एवं कॉनफैड के मध्य एमओयू का आदान-प्रदान किया गया। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा राजस्थान अनुसूचित जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में यह पहल की गई है। 

राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रतापगढ़ को पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और विद्युत क्षेत्र में कई सौगातें दी हैं। 

इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रतापगढ़ के दीपेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर पंचामृत से अभिषेक किया तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए कामना की। प्रतापगढ़ पहुंचने पर मुख्यमंत्री का पारंपरिक गैर नृत्य के साथ स्वागत किया गया। 

इस अवसर पर जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन जीनगर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। 

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