
ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका जयपुर। मानसून के दौरान मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया, स्क्रब टाईफस एवं अन्य वायरसजनित मौसमी बीमारियों की प्रभावी रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए जयपुर जिला कलक्टर संदेश नायक की अध्यक्षता में गुरुवार को अंतरविभागीय समन्वय हेतु कलेक्ट्रेट में बैठक आयोजित हुई। जिला कलक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान मच्छरों के प्रजनन एवं संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में सभी विभाग जनजागरूकता एवं मच्छररोधी गतिविधियों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य मच्छरों की संक्रमण श्रृंखला को तोड़कर मौसमी बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित करना है। जिला कलक्टर ने पुलिस आयुक्त जयपुर व जिला पुलिस अधीक्षक जयपुर ग्रामीण को मौसमी बीमारियों से संबंधित चालान कार्यवाही में सहायता प्रदान करने, घर-घर सर्वे के दौरान अप्रिय घटनाओं को रोकने हेतु चिकित्सा विभाग की टीम का सहयोग करने तथा पुलिस थाना परिसर में मच्छर रोधी गतिविधियां करवाना सुनिश्चित करने की बात कही।
उन्होंने राजस्थान आवासन मण्डल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आवासीय कॉलोनियों एवं मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट में नियमित रूप से एण्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन गतिविधियों हेतु एण्टोमोलॉजिस्ट एवं सुपरवाइजर को शामिल करते हुए आईईसी गतिविधियां सुनिश्चित करें। भवन निर्माण वाले स्थान पर एंटी लार्वा गतिविधियां करवाई जाएं, खाली भूखण्डों में ठहरे हुए पानी में एम.पी.एस.जी. डलवाएं तथा पार्कों में पत्तों, कचरे एवं अन्य जल स्रोतों पर नियमित एण्टीलार्वा एवं सोर्स रिडक्शन गतिविधियां करवाएं। कलेक्टर ने नगर निगम को नालियों की नियमित साफ-सफाई, नालियों एवं गड्ढों में फॉगिंग, शहरी क्षेत्र में पंपिंग करवाने, सड़कों के आसपास बने गड्ढों को भरवाने तथा घरों के बाहर रखी टंकियों एवं अन्य जल स्रोतों की साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ ही होर्डिंग एवं बैनर के माध्यम से मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं बचाव संबंधी आईईसी गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला परिषद को ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत स्तर पर मौसमी बीमारियों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाने, नालियों एवं जलभराव वाले स्थानों की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने, मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने तथा ग्राम स्तर पर जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने, ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों के माध्यम से आमजन को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को समस्त राजकीय एवं निजी विद्यालयों में प्रार्थना सभाओं के दौरान विद्यार्थियों को मौसमी बीमारियों की रोकथाम, स्वच्छता, मच्छरों से बचाव एवं जलजनित रोगों के संबंध में जागरूक करने, विद्यालय परिसरों में पानी का ठहराव नहीं होने देने, परिण्डे तीन दिवस में नियमित रूप से खाली करने के साथ-साथ आवश्यकतानुसार साफ-सफाई एवं एण्टीलार्वा गतिविधियां करने के निर्देश दिए।
जिला कलक्टर ने चिकित्सा विभाग को समस्त चिकित्सा संस्थानों में पर्याप्त मात्रा में आवश्यक दवाइयां, जांच किट एवं अन्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सर्विलांस गतिविधियों को सुदृढ़ करते हुए संदिग्ध रोगियों की समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने के साथ ही एण्टीलार्वा गतिविधियां, फॉगिंग, आईईसी गतिविधियां एवं घर-घर सर्वे नियमित रूप से करवाते हुए अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को विभाग के संयुक्त निदेशक को संबंधित स्कूल व हॉस्टल्स में सोर्स रिडक्शन व एण्टीलार्वा गतिविधियां व मौसमी बीमारियों से रोकथाम व बचाव के लिए जन जागरूकता गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पशुपालन विभाग, जयपुर विकास प्राधिकरण, नर्सिंग कॉलेज, समग्र शिक्षा, एयरपोर्ट, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम, उप नियंत्रक नागरिक सुरक्षा, पीडब्ल्यूडी, रेलवे व अन्य अधिकारियों को भी मच्छर रोधी गतिविधियों व साफ-सफाई तथा अन्य जरूरी कार्य करने, प्रत्येक रविवार सूखा दिवस मनाने के लिये जन समुदाय को जागरूक करने, समस्त राजकीय व निजी कार्यालयों में शुक्रवार के दिन मच्छर रोधी गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला कलक्टर ने आमजन से भी मच्छररोधी गतिविधियों हेतु घर— कॉलोनी में और आस-पास साफ-सफाई रखने, खाली प्लाटों में कचरा न फेंकने, परिंडे और कूलर हर तीसरे दिन खाली व साफ करने, घरों में पानी की टंकियों को ढ़कने व वर्षा का पानी छतों पर जमा न होने देने की अपील भी की है। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर जयपुर शहर (उत्तर) राजेन्द्र सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रवि शेखावत, उप मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला सर्विलेंस अधिकारी डॉ. इन्दिरा भी उपस्थित थे।