पर्यटन, निवेश और औद्योगिक विकास की राह पर राजस्थान तेजी से अग्रसर- निवेश अनुकूल नीतियों से प्रदेश के औद्योगिक वातावरण में आया बड़ा बदलाव

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के साथ-साथ विरासत के मूल मंत्र को आत्मसात् करते हुए राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को दे रही बढ़ावा -मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

ब्यूरो चीफ हेमलता किरार/ जयपुर।  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान पर्यटन, निवेश और औद्योगिक विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के साथ-साथ प्रभावी सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम से प्रदेश में पर्यटन से संबंधित निवेश प्रक्रियाएं सुगम हुई हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश में अधिक-से-अधिक निवेश का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार उन्हें हर संभव सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

 शर्मा गुरुवार को एक निजी होटल में प्रवासी राजस्थानी दिवस के क्रम में आयोजित पर्यटन विभाग की प्री-समिट को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन राजस्थान को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से न केवल प्रवासी राजस्थानियों को अपनी मातृभूमि से भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर मिलता है, बल्कि उन्हें राज्य के विकास में सहभागिता का भी मौका मिलता है।

नई पर्यटन नीति से पर्यटन का आधारभूत ढ़ांचा होगा सुदृढ़- मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन के आधारभूत ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए राज्य सरकार शीघ्र नई पर्यटन नीति लाएगी। इसके अंतर्गत पर्यटक सुविधाओं, मार्केटिंग एवं प्रमोशन, मेले एवं त्योहार, डिजिटल एवं एआई, कौशल विकास, युवाओं को रोजगार और निवेश के कार्य पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नीति की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित नीति कार्यान्वयन इकाई भी स्थापित की जाएगी। श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने पर्यटन एवं हॉस्पिटलिटी सेक्टर को उद्योग का दर्जा प्रदान किया है। यह हमारी पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रदेश में 15 करोड़ देशी, 12 लाख विदेशी पर्यटकों का हुआ आगमन- शर्मा ने कहा कि राजस्थान अपार संभावनाओं का प्रदेश है। भव्य किले, महल, हवेलियां, थार का मरुस्थल, वन्यजीव अभयारण्य, आस्था धाम और झीलों की उपलब्धता राजस्थान को पर्यटन के क्षेत्र में निराला प्रदेश बनाती हैै। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन का निरंतर विस्तार हो रहा है। इस वर्ष अगस्त तक राज्य में 15 करोड़ से अधिक देशी तथा करीब 12 लाख विदेशी पर्यटक आ चुके हैं।  

पर्यटन क्षेत्र में 1 लाख 44 हजार 625 करोड़ के एमओयू,

2 लाख रोजगार के अवसरों का होगा सृजन- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2024 में लगभग 35 लाख करोड़ रुपये के एमओयू किए गए, जिनमें से लगभग 7 लाख करोड़ रुपये के एमओयू की ग्राउंड-ब्रेकिंग हो चुकी है। इनमें पर्यटन क्षेत्र में कुल 1 हजार 702 एमओयू किए गए थे। उन्होंने कहा कि इन एमओयू से 1 लाख 44 हजार 625 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से लगभग 2 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। शर्मा ने कहा कि इनमें से 277 परियोजनाएं ग्राउंड-ब्रेकिंग चरण में प्रवेश कर चुकी हैं, जिनका प्रस्तावित निवेश 10 हजार करोड़ है। इनसे लगभग 16 हजार से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है।

शेखावटी क्षेत्र में 662 हवेलियां का होगा संरक्षण, पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा- शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकास के साथ-साथ विरासत के मूल मंत्र को आत्मसात् करते हुए राज्य सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दे रही हैं। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद 2.0 के अंतर्गत खाटूश्याम जी, करणी माता मंदिर, मालासेरी डूंगरी समेत अनेक धार्मिक स्थलों का विकास कार्य किया जा रहा है। वहीं, महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, ब्रज चौरासी परिक्रमा और कृष्ण गमन पथ जैसे परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं।

                उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस टूरिज्म, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म और ट्राइबल टूरिज्म के विस्तार पर समर्पित होकर कार्य कर रही है। राजस्थान में कल्चरल, क्राफ्ट-कूजिन, वेडिंग, मेडिकल और फिल्म टूरिज्म भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने शेखावटी क्षेत्र की ऐतिहासिक हवेलियों के संरक्षण के लिए प्रभावी कार्य कर रही है। झुंझुनूं, सीकर और चुरू जिलों की 662 हवेलियों को पर्यटन के लिए संरक्षित किया जा रहा है, जिससे यहां पर्यटन बढ़ेगा।

फिल्म निर्माण के लिए 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राजस्थान फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति के माध्यम से फिल्मों के निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है। इसके अंतर्गत निर्माताओं को 2 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। राजकीय भवनों और सार्वजनिक स्थलों पर शूटिंग शुल्क में भी राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नई फिल्म पर्यटन प्रोत्साहन नीति भी लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सांस्कृतिक धरोहर और पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का राजस्थान टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कैपेसिटी बिल्डिंग फंड गठित किया है। वहीं, मुख्यमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम के माध्यम से 20 हजार युवाओं और लोक कलाकारों को गाइड, हॉस्पिटैलिटी और पारंपरिक कलाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

                प्री-समिट में उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, केंद्रीय पर्यटन अपर सचिव एवं महानिदेशक सुमन बिल्ला, पर्यटन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव प्रवीण गुप्ता, हिन्दुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा सहित संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं उद्यमी उपस्थित रहें

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