बाबा साहेब ने संविधान बनाकर देश के निर्माण में दिया अमूल्य योगदान : अर्जुन राम मेघवाल

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बाबा साहेब के जीवन से जुड़े पांच स्थानों को बनाया पंच तीर्थ, संविधान दिवस की पूर्व संध्या पर कार्यक्रम आयोजित

 ब्यूरो चीफ रविसिंह किरार/ परिष्कार पत्रिका बीकानेर । केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने दुनिया का सबसे बड़ा संविधान बनाकर देश के निर्माण में अमूल्य योगदान दिया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसे समझा और बाबा साहेब के 125वें जन्म जयंती वर्ष के अवसर पर 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाने की मान्यता दी। प्रधानमंत्री ने ही बाबा साहब के जीवन से जुड़े पांच महत्वपूर्ण स्थानों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करवाया। केंद्रीय मंत्री मेघवाल मंगलवार को संविधान दिवस की पूर्व संध्या के अवसर पर बीकानेर जि​ले ​के रवींद्र रंगमंच पर संविधान दिवस आयोजन समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

मेघवाल ने कहा कि 26 नवम्बर 1949 को इस देश का संविधान अंगीकृत और 26 जनवरी 1950 को इसे लागू हुआ। तब से 26 नवम्बर को कानून दिवस के रूप में ही मनाया जाता था। वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री ने इसे संविधान दिवस के रूप में मान्यता दी और 2016 से प्रतिवर्ष इसे मनाया जाने लगा। आज संविधान दिवस के अवसर पर देश भर में कार्यक्रम आयोजित होते हैं और इसके निर्माण में बाबा साहेब के योगदान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब से संबंधित पंच तीर्थ स्थलों पर प्रतिवर्ष लाखों लोग पहुंचते हैं।  मेघवाल ने कहा कि संविधान निर्माण के अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना, नेशनल ग्रिड प्रणाली लागू करने, वित्त आयोग की स्थापना करने, नदी घाटी परियोजनाएं तैयार करने और श्रमिक हित एवं महिला सशक्तिकरण से जुड़े कार्यों के लिए बाबा साहेब को सदैव याद किया जाएगा। 

मेघवाल ने कहा कि बाबा साहेब ने संविधान में समानता को स्वतंत्रता से पहले रखा। उनका मानना था कि अगर देश में समानता आ जाएगी, तो स्वतंत्रता अपने आप सुरक्षित रहेगी। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब ने प्रत्येक नागरिक को समान मतदान का अधिकार दिया। बाबा साहेब के सभी सिद्धांतों का अनुसरण करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के वंचित वर्ग को पक्की छत, बिजली कनेक्शन गैस चूल्हा जैसी सुविधाएं देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है।

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